वॉशिंगटन डी.सी. : डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के भीतर ही इरान युद्ध को लेकर गंभीर मतभेद सामने आए हैं। युद्ध शक्ति कानून के तहत इरान के साथ संभावित सैन्य संघर्ष से बचने के लिए अमेरिकी सीनेट में विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा लाए गए प्रस्ताव का समर्थन ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी के चार सीनेटरों ने भी किया।
मंगलवार को सीनेट में इस प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में ट्रम्प के इरान युद्ध संबंधी निर्णय के विरोध में 50 वोट पड़े जबकि समर्थन में 47 वोट आए। मतदान में रिपब्लिकन पार्टी के तीन सदस्य अनुपस्थित रहे, जबकि एक डेमोक्रेट सदस्य ने ट्रम्प के पक्ष में मतदान किया।
अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध से जुड़े मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ उनकी ही पार्टी के सदस्यों का मतदान असाधारण और अभूतपूर्व घटना है। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में यह मतदान दर्शाता है कि राष्ट्रपति के निर्णयों को लेकर उनकी ही पार्टी में असंतोष बढ़ रहा है।
हालांकि सीनेट में यह प्रस्ताव पारित हो जाना इस बात की गारंटी नहीं है कि इरान के साथ संघर्ष तुरंत समाप्त हो जाएगा। अमेरिकी युद्ध शक्ति कानून के अनुसार राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की मंजूरी के 60 दिनों तक सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार होता है। इस आधार पर डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि इरान के साथ संघर्ष को तुरंत रोका जाना चाहिए।
वहीं व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि 28 फरवरी को इरान-अमेरिका संघर्ष शुरू हुआ था और 8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी थी। इस स्थिति में यदि राष्ट्रपति ट्रम्प फिर से सैन्य कार्रवाई करना चाहें तो वे अभी भी वैधानिक रूप से ऐसा कर सकते है क्योंकि उनके पास 40 दिनों का समय शेष है।
अमेरिकी संविधान के अनुसार इरान युद्ध को रोकने के लिए राष्ट्रपति को बाध्य करने हेतु कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है जो वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार संभव नहीं दिखता। प्रतिनिधि सभा में ट्रम्प की पार्टी के 227 सदस्य है जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के 212 सदस्य हैं। वहीं सीनेट में भी रिपब्लिकन पार्टी 53-45 के बहुमत से आगे है। ऐसे में इरान युद्ध के खिलाफ किसी प्रस्ताव का पारित होना फिलहाल अत्यंत कठिन माना जा रहा है।