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दिल्ली में ब्रिक्स बैठक पर दुनिया की नजर, मोदी-पुतिन-जिनपिंग त्रिपक्षीय बैठक की अटकलें तेज

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में मतभेद, अब सितंबर सम्मेलन पर सबकी नजर

नई दिल्ली : आगामी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राजनीतिक हलचल देखी जा रही है। इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की पुष्टि रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने कर दी है। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे को लेकर भी अटकलें तेज है हालांकि बीजिंग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। भारत सरकार ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

दक्षिण अफ्रीका में स्थित रूसी दूतावास ने भी यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष दिसंबर में रूस के राष्ट्रपति पुतिन भारत आए थे लेकिन वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई संक्षिप्त झड़प के बाद से राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अब तक भारत की यात्रा नहीं की है। यदि इस बार वे ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आते है तो इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाएगा। विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में यदि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात होती है तो इसे वैश्विक राजनीति में एक नया आयाम देने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है।

इससे पहले 24 अप्रैल को ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई थी, लेकिन उस बैठक के बाद कोई संयुक्त बयान जारी नहीं होने के कारण इसे प्रभावी नहीं माना गया था। सूत्रों के अनुसार उस बैठक में ईरान-अमेरिका तनाव, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भू-राजनीतिक तनाव तथा इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर मतभेद सामने आए थे। इसी कारण आगामी सितंबर सम्मेलन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विशेष नजर बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष चीन के तियानजिन शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अंतिम द्विपक्षीय बैठक वर्ष 2029 में हुई थी जब चीनी राष्ट्रपति भारत की यात्रा पर आए थे।

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