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नॉर्वे में पत्रकार के सवाल को PM मोदी के टालने पर विवाद, विदेश मंत्रालय की सलाह - ‘अदालत जाएं’

नॉर्वे के पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सिबी जॉर्ज को भी तीखी बहस करते हुए देखा गया।

By Moumita Bhattacharya

May 19, 2026 22:04 IST

नॉर्वे दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर एक पत्रकार ने सवाल का जवाब दिए बिना मंच छोड़ने का आरोप लगाया है। नॉर्वे के एक पत्रकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट किया है। इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया है।

इसके बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। नॉर्वे के पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सिबी जॉर्ज को भी तीखी बहस करते हुए देखा गया।

भारत में मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत का पक्ष रखते हुए कहा, “अगर ऐसे आरोप हैं, तो अदालत जाएं।”

सोमवार को नॉर्वे में संवददाता सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने वाली पत्रकार हेले लिंग ने अपने X हैंडल पर लिखा कि प्रधानमंत्री ने उनके सवाल का जवाब नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि उन्हें इससे ऐसी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में नॉर्वे पहले स्थान पर है जबकि भारत 157वें स्थान पर है और इस मामले में भारत की तुलना फिलिस्तीन और क्यूबा जैसे देशों से की जा रही है।

पत्रकार ने आगे लिखा कि जिन शक्तियों के साथ हम सहयोग करते हैं उनसे सवाल पूछने का अधिकार भी होना चाहिए।

इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया। वहां भी उक्त पत्रकार हेले ने उनसे सवाल किया कि हम आपको क्यों भरोसा करें? क्या आप यह वादा कर सकते हैं कि आपके देश में जो मानवाधिकार उल्लंघन हो रहे हैं, वे बंद होंगे? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी भारतीय मीडिया के आलोचनात्मक सवालों को लेना शुरू करेंगे।

इन सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सिबी जॉर्ज ने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कृपया मुझे जवाब देने दें। यह मेरा अधिकार है। आपने सवाल पूछा है लेकिन यह तय नहीं कर सकते कि मैं कैसे जवाब दूंगा। प्रधानमंत्री द्वारा सवाल न लेने के आरोपों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उनका काम मीडिया के सवालों का जवाब देना है और वे अपना काम लगातार कर रहे हैं।

जॉर्ज ने यह भी कहा कि भारत 5000 साल पुरानी सभ्यता वाला देश है जिसने दुनिया को कई योगदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत ने वैश्विक स्तर पर मदद पहुंचाई थी। उन्होंने आगे कहा कि भारत का एक मजबूत संविधान है और नागरिकों को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं।

अगर किसी का अधिकार प्रभावित होता है तो उसके पास अदालत जाने का पूरा अधिकार है। दुनिया के कई विकसित देशों में महिलाओं को मतदान का अधिकार पाने में कई दशक लग गए थे जबकि भारत ने आजादी के पहले दिन से ही महिलाओं को समान मतदान अधिकार दिया।

उन्होंने कुछ गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की भी आलोचना की और कहा कि भारत की विशालता को कई लोग समझ नहीं पाते। वे कुछ अज्ञात या कम प्रसिद्ध एनजीओ की रिपोर्ट पढ़कर इस तरह के सवाल उठाने लगते हैं।

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