सिडनी : ऑस्ट्रेलिया और क्वींसलैंड के पूर्व विकेटकीपर जॉन मैक्लीन का लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। क्रिकेट जगत में उनके निधन से शोक की लहर फैल गई है।
जॉन मैक्लीन ने वर्ष 1978 में ब्रिस्बेन में इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने 1979 में इंग्लैंड के खिलाफ ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपना पहला मैच खेला।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल चार टेस्ट मैच और दो एकदिवसीय मुकाबले खेले। जॉन मैक्लीन ने 1968 में क्वींसलैंड के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने पहले शेफील्ड शील्ड सत्र में ही उन्होंने 156 रन की अपनी सर्वोच्च प्रथम श्रेणी पारी खेली थी।
वह क्वींसलैंड टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनकी टीम ने 1973-74 से 1977-78 के बीच पांच शेफील्ड शील्ड सत्रों में चार बार उपविजेता स्थान हासिल किया था। जॉन मैक्लीन ने अपने 86 शेफील्ड शील्ड मुकाबलों में से 30 मैचों में टीम की कप्तानी भी की थी।
उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का समापन 385 शिकारों के साथ किया। इसमें 354 कैच और 31 स्टंपिंग शामिल रहीं। शेफील्ड शील्ड में उनके नाम कुल 314 शिकार दर्ज हैं जिनमें 290 कैच और 24 स्टंपिंग शामिल हैं। यह रिकॉर्ड क्वींसलैंड के लिए चौथा और टूर्नामेंट के इतिहास में कुल मिलाकर 11वां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जाता है।
क्वींसलैंड क्रिकेट के वर्तमान अध्यक्ष कर्स्टन पाइक ने जॉन मैक्लीन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जॉन मैक्लीन हमेशा टीम को प्राथमिकता देने वाले नेता रहे और उनका स्वभाव बेहद उदार था।
कर्स्टन पाइक ने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उनके निधन के बाद पूर्व साथियों और क्रिकेट समुदाय से मिली प्रतिक्रियाओं में उनकी टीम-प्रथम सोच और उदार व्यक्तित्व को विशेष रूप से याद किया गया। वह ऐसे दौर के खिलाड़ी थे जब मैदान पर पूरी प्रतिबद्धता और संघर्ष की भावना को सबसे अधिक महत्व दिया जाता था। खेल के बाद साथी खिलाड़ियों के साथ मजबूत रिश्ते बनाना उनकी पहचान थी। उन्होंने खिलाड़ी, कोच, व्यवसायी और प्रशासक के रूप में हर भूमिका में क्वींसलैंड का नाम ऊंचा किया।