इंदौर : इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक कारोबारी को कथित तौर पर धमकाने और व्यवसाय जारी रखने के बदले एक करोड़ रुपये की मांग करने के मामले में एक पुलिस आरक्षक सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हितेंद्र सिंह ठाकुर नामक कारोबारी ने क्राइम ब्रांच से संपर्क कर अपनी जान को खतरा होने और एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।
राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार हितेंद्र सिंह ठाकुर पहले शराब कारोबार से जुड़े थे और बाद में रियल एस्टेट के क्षेत्र में सक्रिय हो गए। इसी दौरान जमीन के एक सौदे में साझेदारी को लेकर उनकी मुलाकात अलका दीक्षित से हुई। अलका दीक्षित ने उनकी पहचान पीथमपुर निवासी लखन सिंह से कराई और साझेदारी का प्रस्ताव रखा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ दिनों बाद हितेंद्र सिंह ठाकुर को पता चला कि अलका दीक्षित के खिलाफ धोखाधड़ी समेत 16-17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह जानकारी मिलने के बाद उन्होंने साझेदारी से इनकार कर दिया।
डीसीपी के मुताबिक साझेदारी से मना करने के बाद हितेंद्र सिंह ठाकुर को लगातार धमकियां मिलने लगीं। आरोप है कि अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप दीक्षित और लखन सिंह ने उनका पीछा किया और कहा कि यदि उन्होंने साझेदारी नहीं की तो कारोबार जारी रखने के लिए उन्हें एक करोड़ रुपये देने होंगे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कारोबारी को नुकसान पहुंचाने और कथित आपत्तिजनक फोटो तथा वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी भी दी। हालांकि मौके पर किसी प्रकार की फोटो या वीडियो नहीं दिखाई गई केवल दावा किया गया।
राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में एक अन्य आरोपी श्वेता जैन की भूमिका भी सामने आई है। वह कथित तौर पर अलका दीक्षित के साथ मिलकर साजिश रच रही थी। श्वेता जैन को भोपाल से हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जाएगी। साथ ही उसकी पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग का एक कर्मचारी विनोद शर्मा भी आरोपियों के संपर्क में था और उनसे बातचीत में शामिल पाया गया है। उसके संबंध सामने आने के बाद उससे भी पूछताछ की जा रही है। यदि जांच में उसकी संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी ने बताया कि अब तक साजिश और रंगदारी से संबंधित धाराओं के तहत पांच आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है।