गांधीनगर : गुजरात के मुख्य सचिव एम.के. दास ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘स्व-गणना’ अभियान में भाग लिया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य सचिव ने ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार का विवरण दर्ज किया और इस डिजिटल सेवा पहल का लाभ उठाया। इस अवसर पर मुख्य सचिव एम.के. दास ने कहा कि यह व्यवस्था बेहद सरल और पारदर्शी है। उन्होंने बताया कि अब तक 60 हजार से अधिक नागरिक इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील भी की।
मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि यह नई डिजिटल सुविधा आने वाले वर्षों में पूरी जनगणना प्रक्रिया को अधिक तेज और सटीक बनाएगी। उन्होंने इस पहल में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के लिए भारत सरकार की सराहना भी की।
इससे पहले रविवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ऑनलाइन मंच के माध्यम से स्वयं अपनी स्व-गणना पूरी कर जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया था। आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने जनगणना पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन जमा कर इस प्रक्रिया की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के नागरिकों से भी इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और मजबूत, समावेशी तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। बयान में कहा गया कि नागरिक 31 मई तक निर्धारित 15 दिनों की अवधि के दौरान ऑनलाइन माध्यम से आवश्यक जानकारी भरकर इस प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से पोर्टल और मोबाइल आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए आयोजित की जा रही है। स्व-गणना पहल के तहत नागरिकों को एक सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक डिजिटल मंच उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से वे कहीं से भी अपनी जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। नागरिक निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और सक्रिय भागीदारी के जरिए समयबद्ध एवं सटीक तरीके से अपना विवरण ऑनलाइन उपलब्ध करा सकते हैं।
जनगणना 2027 में पहली बार स्व-गणना पद्धति लागू की जा रही है। गुजरात में नागरिक 17 मई से 31 मई के बीच वेब पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज कर इस प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।इसके बाद 1 जून से 30 जून तक ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ (एचएलओ) चलाया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक जनगणना कर्मी भाग लेंगे। जब मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अपनी स्व-गणना संबंधी जानकारी भर रहे थे उस दौरान राज्य के जनगणना संचालन निदेशक सुजल मायात्रा ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया और जनगणना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी।