नई दिल्ली : एक सप्ताह में देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेनों में आग लगने की एक के बाद एक घटनाओं को लेकर भारतीय रेलवे ने गंभीर चिंता जताई है। राजस्थान के कोटा से लेकर पश्चिम बंगाल के हावड़ा तक हुई इन घटनाओं के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इन घटनाओं में समाजविरोधी तत्वों की संलिप्तता हो सकती है। नाशकता की संभावना को भी जांच एजेंसियां पूरी तरह खारिज नहीं कर रही हैं।
पिछले रविवार को तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के एसी कोच में अचानक आग लगने की घटना सामने आई थी। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ट्रेनों में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई। रेलवे का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे ‘समाजविरोधी’ या ‘एंटी-सोशल एलिमेंट्स’ की भूमिका हो सकती है।
रेलवे की ओर से बताया गया है कि राजस्थान के अमरपुरा और कोटा, बिहार के सासाराम तथा पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन पर हाल ही में हुई चार अलग-अलग घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। इन सभी मामलों की जांच रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा की जा रही है।
रेलवे के अनुसार अमरपुरा की घटना में ट्रेन के चादर और यात्रियों के बिस्तर में जानबूझकर आग लगाने का प्रयास किया गया था। हावड़ा स्टेशन पर एक कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा कपड़ा बरामद किया गया, जिससे साजिश की आशंका और गहरी हो गई है।
कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच के बाथरूम से आग की लपटें निकलते देखी गई। वहीं सासाराम में एक खाली कोच के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति को जलती हुई वस्तु फेंकते हुए देखा गया जिसकी शिकायत भी दर्ज की गई है। रेलवे का दावा है कि ये सभी घटनाएं सुनियोजित तरीके से की गई हैं और इनके पीछे किसी संगठित साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रेल मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि हालिया घटनाओं की प्रारंभिक जांच में कई मामलों में समाजविरोधी तत्वों की संलिप्तता की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
भारतीय रेलवे ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें। इसके साथ ही ट्रेनों और स्टेशनों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।