अखिल भारतीय औषधि व्यापारी संगठन AIOCD ने 20 मई को भारत बंद का आह्वान किया है। हालांकि उस दिन भी कई दवा की दुकानें खुली रहने की संभावना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार AIOCD की राज्य इकाई BCDA ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन कर स्पष्ट किया कि 20 मई को उनका संगठन प्रतीकात्मक हड़ताल कर रहा है।
यह हड़ताल मंगलवार रात 12 बजे से बुधवार दोपहर 12 बजे तक रहेगी। तो क्या इस समय के दौरान सभी दवा दुकानें बंद रहेंगी?
संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दवा दुकानों की हड़ताल के दायरे से कुछ सेवाओं को बाहर रखा गया है। संगठन ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों के अंदर स्थित दवा दुकानें इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगी। साथ ही संगठन ने यह भी अपील की है कि मुख्य सड़कों के चौराहों पर स्थित सभी दवा दुकानें पूरी तरह बंद न की जाएं।
Read Also | प्यार में नाकाम कनाडाई आशिक का खूनी तांडव! पंजाबी सिंगर इंदर कौर का कत्ल, नहर में मिली लाश
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसियां सामान्य रूप से खुली रहेंगी। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने 20 मई, बुधवार को पूरे देश में हड़ताल का आह्वान किया है।
यह हड़ताल ई-फार्मेसियों द्वारा दवाओं पर भारी छूट देने और उन पर सख्त नियंत्रण न होने के मुद्दे को लेकर बुलाई गई है। AIOCD ने अपनी शिकायतों को लेकर राष्ट्रीय ड्रग रेगुलेटर से भी मुलाकात कर अपनी मांगें रखी हैं।
All pharmacy chains and hospital pharmacy stores, Jan Aushadhi stores, AMRIT Pharmacy stores will remain open tomorrow, in addition to the many state and chemist associations who have already pulled out from the strike: Sources
— ANI (@ANI) May 19, 2026
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसियां सामान्य रूप से खुली रहेंगी। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने 20 मई, बुधवार को पूरे देश में हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल ई-फार्मेसियों द्वारा दवाओं पर भारी छूट देने और उन पर सख्त नियंत्रण न होने के मुद्दे को लेकर बुलाई गई है। AIOCD ने अपनी शिकायतों को लेकर राष्ट्रीय ड्रग रेगुलेटर से भी मुलाकात कर अपनी मांगें रखी हैं।
Read Also | भारतीय रेलवे का बदल रहा है लोगो, रेल मंत्रालय की मिल गई अनुमति, क्यों बदलना पड़ा जानिए यहां
संगठन का यह भी आरोप है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिए बिना रोक-टोक एंटीबायोटिक दवाएं खरीदी जा रही हैं जिससे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) का खतरा बढ़ रहा है।
संभावना जतायी जा रही है कि इस हड़ताल के कारण मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यदि दवा की दुकानें बंद रहती हैं तो खासकर वे लोग जो रोजाना जीवन रक्षक दवाओं पर निर्भर हैं उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
बताया जाता है कि इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए कई खुदरा दवा विक्रेता संगठनों ने हड़ताल से अलग होने का फैसला किया है और वे फिलहाल अपने मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई पर नजर रख रहे हैं। बताया जा रहा है कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खुदरा दवा विक्रेता संगठनों ने हड़ताल से पीछे हटने का निर्णय लिया है जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है।