फलताः दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में पुनर्मतदान से ठीक पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। हरिणडांगा-2 पंचायत के मनसारहाट गांव में बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि लंबे समय से इलाके में जहांगीर खान और उसके समर्थकों का दबदबा बना हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि आम लोगों, खासकर विपक्षी दलों के समर्थकों को लगातार डर और दबाव में रखा जाता था।
विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भाजपा समेत अन्य विपक्षी दलों से जुड़े लोगों के घरों में तोड़फोड़, मारपीट और लूटपाट की घटनाएं हुईं। कई परिवारों ने आरोप लगाया कि उनके घरों की बिजली और पानी की लाइन तक काट दी गई थी, ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके।
ग्रामीणों का दावा है कि जहांगीर खान के इशारे पर इलाके के कई युवकों के साथ मारपीट की गई। लोगों का कहना है कि डर की वजह से वे इतने दिनों तक खुलकर सामने नहीं आ सके।
पुनर्मतदान से हटने के बाद बदला माहौल
मंगलवार को तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्मतदान की दौड़ से हटने का फैसला किया था। इसके अगले ही दिन गांव में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अब वे खुलकर अपनी बात रख पा रहे हैं। उनका आरोप है कि पहले इलाके में ऐसा माहौल बना दिया गया था कि कोई भी खुलकर विरोध नहीं कर सकता था।
पीड़ित परिवारों ने सुनाई आपबीती
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय निवासी बिजली भंडारी ने आरोप लगाया कि उनका परिवार लंबे समय तक प्रताड़ना झेलता रहा। उन्होंने कहा कि उनके पति को जबरन उठाकर ले जाने की कोशिश भी की गई थी।
बिजली भंडारी के मुताबिक, इलाके में डर का माहौल इतना ज्यादा था कि लोग खुलकर कुछ बोलने से भी डरते थे। अब उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
बीएलओ ने लगाए गंभीर आरोप
165 नंबर बूथ के बीएलओ सुब्रत भंडारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल नेताओं की बात नहीं मानने पर उनके साथ मारपीट की गई थी।
सुब्रत भंडारी ने दावा किया कि उन्हें तालाब में डुबोकर जान से मारने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि राजनीतिक दबाव नहीं मानने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।
भाजपा ने कार्रवाई की मांग उठाई
फलता से भाजपा उम्मीदवार देवांशु पांडा ने कहा कि अब लोग डर से बाहर निकल रहे हैं और खुलकर अपनी बात कह रहे हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।