कोलकाता : राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पुराने भ्रष्टाचार और चुनाव के बाद हिंसा से जुड़े मामलों की फाइलें फिर से खोली जा रही हैं। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में लगातार गिरफ्तारी अभियान भी जारी है। कभी उगाही तो कभी अवैध हथियार रखने के आरोप में एक के बाद एक तृणमूल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हो रही है।
बुधवार को चुनाव बाद हिंसा के मामले में बारासात के तृणमूल कांग्रेस पार्षद अरुण भौमिक और दत्तपुकुर पंचायत के उपप्रधान मंतु साहा को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
इसी के साथ उगाही के आरोप में पूर्व दमकल मंत्री सुजीत बसु के करीबी और तृणमूल कांग्रेस पार्षद रंजन पोद्दार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
वहीं अवैध हथियार रखने के आरोप में गंगारामपुर के तृणमूल कार्यकर्ता सुमन साहा को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार करुणामयी बस स्टैंड से लंबे समय से अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। 34 नंबर वार्ड के तृणमूल कांग्रेस पार्षद रंजन पोद्दार पर आरोप है कि वह बस स्टैंड से जुड़े यूनियनों और स्थानीय दुकानदारों से नियमित रूप से उगाही करते थे।
करुणामयी बस स्टैंड की यूनियनों की शिकायत के आधार पर विधाननगर उत्तर थाना पुलिस ने बुधवार को उन्हें गिरफ्तार किया। आरोप यह भी है कि इलाके के कई दुकानदारों से रोजाना जबरन वसूली की जाती थी।
दूसरी ओर गंगारामपुर कॉलेज के पास स्थित इलाके से पुलिस ने सुमन साहा को अवैध हथियार रखने के आरोप में पकड़ा। बाद में उनके घर की तलाशी के दौरान हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है। चुनाव बाद हिंसा और उगाही के मामलों में गिरफ्तार लोगों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
गंगारामपुर के महकमा पुलिस अधिकारी शुभतोष सरकार ने बताया कि अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।