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यूपी के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड अनिवार्य

महिला सुरक्षा, रोजगारपरक शिक्षा और नई शिक्षा नीति पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए अहम निर्देश

By डॉ. अभिज्ञात

May 21, 2026 13:44 IST

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य यूनिफॉर्म व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि इससे शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, समानता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

यह निर्देश जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध सरकारी और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। जन भवन में आयोजित इस बैठक में विश्वविद्यालय और कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, आधारभूत ढांचे और छात्र हितों से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।

राज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक समीक्षा के दौरान कई कॉलेजों में कमियां सामने आने पर राज्यपाल ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों, सरकारी अधिकारियों और कुलपति को निर्देश दिया कि सभी महाविद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और पाई गई खामियों को जल्द दूर किया जाए।

महिला महाविद्यालयों के छात्रावासों की स्थिति सुधारने और छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्यपाल ने कहा कि छात्राओं को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे असामाजिक तत्वों के प्रभाव से दूर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ऐसी समितियां गठित करने के निर्देश दिए, जहां छात्र और छात्राएं अपनी समस्याएं खुलकर रख सकें और उनका त्वरित समाधान हो सके।

शिक्षकों को भी सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षक ऐसा कार्य न करे जिससे गुरु की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा और निर्देश दिया कि शिक्षक समय पर कक्षाओं में पहुंचें। साथ ही छात्रों की नियमित और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म प्रणाली लागू की जानी चाहिए। इसके अलावा छात्राओं को आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाने के उद्देश्य से विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी बल दिया गया। उन्होंने ब्यूटीशियन, मेहंदी, जीएसटी, बिंदी निर्माण, अकाउंटेंसी और मोटे अनाज आधारित खाद्य निर्माण जैसे पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि छात्राएं स्वरोजगार और रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।

नई शिक्षा नीति को गंभीरता से समझने की आवश्यकता पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को विषय चयन की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। साथ ही मल्टीटास्किंग और बहुआयामी ज्ञान उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्य विषयों के अलावा छात्रों को योग, पेंटिंग और अन्य कौशलों की भी जानकारी होनी चाहिए, ताकि रोजगार पाने में उन्हें सहायता मिल सके। राज्यपाल ने विभिन्न विषयों पर परियोजना आधारित अध्ययन को बढ़ावा देने और छात्रों को तकनीकी ज्ञान से जोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम इस प्रकार तैयार किए जाएं कि वे विभिन्न कंपनियों में अधिक मांग वाले पदों के अनुरूप हों। साथ ही विभिन्न विषयों पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित करने और अन्य कॉलेजों में चल रहे विशेष कार्यक्रमों से छात्रों को जोड़ने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालयों की आधारभूत संरचना संतोषजनक नहीं है, वहां गुणवत्ता सुधार के लिए गुजरात सरकार द्वारा संचालित पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर काम किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश में भी इस मॉडल को लागू करने की दिशा में पहल करने को कहा।

बैठक में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को “खेलो इंडिया” अभियान से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया गया।

राज्यपाल ने सभी कॉलेजों को “इन्फ्लिबनेट” और “वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन” योजनाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों, शोध पत्रों और शैक्षणिक सामग्री तक आसान पहुंच मिल सके और उनमें शोध व अध्ययन की प्रवृत्ति विकसित हो।

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