नई दिल्ली : फीफा विश्व कप 2026 के शुरू होने में अब केवल कुछ ही सप्ताह बाकी हैं लेकिन भारत में अब तक आधिकारिक प्रसारक तय नहीं हो पाया है। इसी बीच अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय-अमेरिकी निवेश कंपनी एवनी एलएलसी ने फीफा भारत प्रसारण अधिकारों को लेकर बड़ा दावा किया है।
एवनी एलएलसी ने कहा है कि उसने फरवरी 2026 में फीफा की बंद निविदा प्रक्रिया के तहत भारतीय उपमहाद्वीप के प्रसारण अधिकारों के लिए 30 करोड़ डॉलर से अधिक की वित्तीय प्रतिबद्धताओं से समर्थित कॉर्पोरेट गारंटी जमा की थी। कंपनी का दावा है कि उसके सहयोगी साझेदार ने कई बड़े भारतीय प्रसारण नेटवर्क को पीछे छोड़ते हुए विजेता बोली हासिल की।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते फुटबॉल बाजारों में शामिल भारत में अभी तक फीफा विश्व कप 2026 के लिए कोई आधिकारिक प्रसारण व्यवस्था तय नहीं हो सकी है।
पारंपरिक टीवी से आगे की रणनीति
एवनी एलएलसी केवल पारंपरिक टेलीविजन प्रसारण तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी एक व्यापक डिजिटल मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें ओटीटी मंच, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बहुभाषी प्रसारण, मोबाइल माइक्रो-सब्सक्रिप्शन और एशिया भर में ई-स्पोर्ट्स एकीकरण जैसी योजनाएं शामिल हैं।
कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप महास्के ने कहा कि केवल भारतीय उपमहाद्वीप ही शुरुआती मूल्यांकन से कहीं अधिक क्षमता रखता है।
चीन में समझौता, भारत में अब भी इंतजार
जहां चीन के सरकारी प्रसारक सीएमजी ने 15 मई को फीफा के साथ व्यापक समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं, वहीं भारत में स्थिति अब भी अनिश्चित बनी हुई है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रसार भारती को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया जिसमें मांग की गई है कि फीफा विश्व कप 2026 का प्रसारण दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स जैसे निशुल्क सार्वजनिक मंचों पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि देश में फुटबॉल प्रशंसकों को प्रतियोगिता देखने से वंचित न होना पड़े।
फीफा की ओर से केवल इतना कहा गया है कि भारत में प्रसारण अधिकारों को लेकर बातचीत जारी है और इस स्तर पर इसे गोपनीय रखा जाना आवश्यक है। फिलहाल भारतीय फुटबॉल प्रशंसक अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर हुई याचिका
पिछले सप्ताह दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया था। यह याचिका अधिवक्ता अवधेश बैरवा ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर की थी।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब मांगा।
याचिका में कहा गया है कि फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक होना है लेकिन अब तक भारत में किसी भी प्रसारण कंपनी ने प्रतियोगिता के मीडिया अधिकार हासिल नहीं किए हैं।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो देशभर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसक दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक को देखने से वंचित हो सकते हैं।
प्रसारण अधिकारों की कीमत में भारी गिरावट
याचिका के अनुसार फीफा ने शुरुआत में 2026 और 2030 विश्व कप के भारत प्रसारण अधिकारों का मूल्य लगभग 10 करोड़ डॉलर तय किया था। हालांकि प्रसारण कंपनियों की सीमित रुचि के कारण बाद में यह मूल्य घटाकर लगभग 3.5 करोड़ डॉलर कर दिया गया।
इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है जिससे भारत में फीफा विश्व कप प्रसारण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।