तेहरान : मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि ईरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करना केवल एक “काल्पनिक सोच” है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान अब भी कूटनीतिक बातचीत के लिए सभी रास्ते खुले रखे हुए है।
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान को नया प्रस्ताव भेजा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रस्ताव का उचित जवाब नहीं मिला, तो “स्थिति नियंत्रण से बाहर जा सकती है।” उन्होंने यह संकेत भी दिया कि ईरान पर फिर से बड़े स्तर का हमला किया जा सकता है।
दूसरी ओर तेहरान का आरोप है कि अमेरिका उनके खिलाफ नए हमले की पूरी तैयारी कर चुका है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर कोई नया हमला हुआ तो दुश्मनों को “पूर्ण विनाश” का सामना करना पड़ेगा। इसी बीच पेजेशकियान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान को झुकाने की सोच वास्तविकता से परे है।
ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। इससे पहले अमेरिका ने ईरान को एक प्रस्ताव भेजा था जिसका जवाब तेहरान ने दिया। लेकिन ट्रम्प उस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। बाद में इस्लामाबाद के माध्यम से ईरान ने एक नया प्रस्ताव भेजा, जिसे व्हाइट हाउस ने अस्वीकार कर दिया। अब अमेरिका ने फिर नया प्रस्ताव भेजा है।
ट्रम्प ने कहा है कि वह कुछ दिनों तक ईरान के जवाब का इंतजार करेंगे। साथ ही बुधवार को उन्होंने संकेत दिया कि अगले सप्ताह की शुरुआत में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले मंगलवार से ही संभावित हमले पर विचार चल रहा था, लेकिन कई देशों के अनुरोध पर अंतिम समय में उस योजना को स्थगित कर दिया गया। हालांकि ट्रम्प ने साफ कर दिया कि ईरान को बहुत अधिक समय नहीं दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि यदि ईरान अमेरिकी शर्तों को मानकर समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता, तो परिणाम गंभीर होंगे।
इसके बाद पेजेशकियान ने अमेरिका को चेतावनी दी। उनका कहना है कि ईरान लगातार अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता आया है और युद्ध टालने के लिए हर संभव रास्ता तलाश चुका है।
बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी संदेश में ईरानी राष्ट्रपति ने लिखा कूटनीतिक बातचीत के लिए हमारी ओर से सभी रास्ते खुले हैं। बल प्रयोग के जरिए ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करना केवल एक काल्पनिक विचार है।” उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध की तुलना में कूटनीति अधिक समझदारीपूर्ण, सुरक्षित और स्थायी समाधान प्रदान करती है।
बुधवार को तेहरान में युद्ध की स्थिति को लेकर पेजेशकियान ने पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी के साथ भी चर्चा की। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नकवी ने तेहरान को अमेरिका के साथ बातचीत और समझौते का रास्ता तलाशने की सलाह दी। हालांकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि बातचीत के दरवाजे खुले रहने के बावजूद यदि उस पर हमला किया गया तो वह जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।