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त्विषा शर्मा केस में नया मोड़, परिवार ने हाईकोर्ट जाने का लिया फैसला

भोपाल केस में बड़ा अपडेट, परिवार ने अदालत के फैसले के बाद हाईकोर्ट का रुख किया

भोपाल : त्विषा शर्मा की मौत के मामले में जांच अब नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। इस केस में अब उनकी सास गिरिबाला सिंह के फोन कॉल रिकॉर्ड जांच के दायरे में आ गए हैं। मृतका के परिवार का आरोप है कि मौत के तुरंत बाद कई ऐसे लोगों और संस्थानों को कॉल किए गए, जो न्यायिक व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। परिवार का यह भी दावा है कि गिरिबाला सिंह ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरा लगाने वाली कंपनी से भी संपर्क किया था। परिजनों का कहना है कि इन कॉल्स का उद्देश्य घटना को दबाना और जांच को प्रभावित करना हो सकता है।

इसी बीच इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम राशि को तीन गुना बढ़ा दिया है। त्विषा शर्मा की मौत को लेकर भोपाल पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन मृतका का परिवार इस निष्कर्ष से पूरी तरह असहमत है। परिवार का कहना है कि जांच में कई गंभीर खामियां और लापरवाही सामने आई हैं।

परिवार के अनुसार शादी के मात्र पांच महीने बाद 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित ससुराल में त्विषा का शव फंदे से लटका हुआ मिला था। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर त्विषा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

परिजनों ने यह भी दावा किया है कि मृत्यु से पहले त्विषा ने फोन पर भयभीत अवस्था में बातचीत की थी। उनका कहना है कि जैसे ही उनके पति कमरे में आए, कॉल अचानक कट गया। इसके बाद शव पर चोट के निशान भी पाए गए, जिससे परिवार इसे केवल आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज प्रताड़ना और संभावित हत्या का मामला बता रहा है।

दूसरी ओर गिरिबाला सिंह ने मीडिया में दिए अपने बयान में सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि त्विषा मानसिक तनाव में थीं और उनके परिवार ने उन्हें ग्लैमर की दुनिया में धकेला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतका का परिवार उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर जनमत को प्रभावित कर रहा है।

इस मामले में पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज से जुड़ी मौत और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है। गिरिबाला सिंह को जमानत मिल चुकी है, जबकि समर्थ सिंह अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और इनाम राशि बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है। यह निर्णय पुलिस आयुक्त संजय कुमार के निर्देश पर लिया गया है।

बताया गया है कि समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और 2018 से प्रैक्टिस कर रहे हैं। वे बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया के पूर्व छात्र भी हैं। घटना के बाद से वे लापता हैं। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

इसी बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने त्विषा के परिवार से मुलाकात कर सीबीआई जांच की सिफारिश पर विचार करने का आश्वासन दिया है। परिवार लगातार इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने की मांग कर रहा है।

वहीं भोपाल की एक अदालत ने दूसरी पोस्टमॉर्टम की मांग को खारिज कर दिया है। परिवार ने मांग की थी कि एम्स दिल्ली में पुनः पोस्टमॉर्टम कराया जाए, लेकिन अदालत ने कहा कि राज्य के बाहर दूसरी पोस्टमॉर्टम की अनुमति देने का अधिकार उसके पास नहीं है। हालांकि अदालत ने यह निर्देश दिया कि शव को उचित तरीके से सुरक्षित रखा जाए।

अदालत ने यह भी कहा कि एम्स भोपाल के मर्चुरी में शव को सामान्यतः माइनस 4 डिग्री सेल्सियस पर चार से पांच दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जबकि लंबे समय तक संरक्षण के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। इसके बाद त्विषा शर्मा के परिवार ने इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाने का निर्णय लिया है।

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