चेन्नई : चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खबर है कि इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए टीम के साथ अहमदाबाद जाने के बजाय वह अपने घर रांची लौट गए हैं। इस पूरे सत्र में अब तक धोनी एक भी मुकाबला नहीं खेल पाए हैं। ऐसे में उनके और चेन्नई सुपर किंग्स प्रबंधन के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
पूरे सत्र में मैदान से दूर रहे धोनी
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से ही महेंद्र सिंह धोनी चोट के कारण मैदान से बाहर रहे। जानकारी के अनुसार उनके पैर की मांसपेशियों में खिंचाव आया था। शुरुआत में उम्मीद जताई गई थी कि वह दो सप्ताह के भीतर पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी कर लेंगे, लेकिन उनकी चोट ठीक होने में अपेक्षा से कहीं अधिक समय लग गया।
बाद में अभ्यास सत्र के दौरान उन्हें विकेटकीपिंग करते हुए देखा गया, जिसके बाद समर्थकों को उम्मीद थी कि धोनी जल्द मैदान पर लौटेंगे। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। इतना ही नहीं अधिकांश मुकाबलों में वह मैदान पर भी दिखाई नहीं दिए। सोमवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ चेपॉक में खेले गए मुकाबले में उन्हें स्टेडियम में देखा गया था।
नई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उनकी पुरानी चोट पूरी तरह ठीक हो चुकी थी। यहां तक कहा गया कि अंतिम दो मुकाबलों के लिए वह पूरी तरह तैयार भी थे। लेकिन पिछले 10 मैचों में जो टीम संयोजन बना था, उसे बदलना नहीं चाहने के कारण उन्होंने मैदान पर उतरने का फैसला नहीं किया।
नई चोट या फिर अंदरूनी मतभेद?
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में धोनी के खेलने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन अचानक उनके अंगूठे में नई चोट लगने की खबर सामने आई। कहा जा रहा है कि इसी कारण वह रांची लौट गए।
हालांकि केवल चोट ही वजह है या इसके पीछे कुछ और कारण भी हैं, इसे लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पिछले दो वर्षों में चेन्नई सुपर किंग्स के शीर्ष अधिकारियों के साथ धोनी के संबंध पहले जैसे नहीं रहे हैं।
वर्ष 2024 के इंडियन प्रीमियर लीग से पहले धोनी ने कप्तानी छोड़कर ऋतुराज गायकवाड़ को टीम की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद भविष्य की टीम तैयार करने की योजनाओं में कथित रूप से धोनी की राय को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ी संजू सैमसन को टीम में शामिल करने के बजाय रविंद्र जडेजा से जुड़े फैसलों के दौरान भी धोनी को पूरी जानकारी नहीं दी गई। इन्हीं कारणों से धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स प्रबंधन के रिश्तों में दूरी आने की चर्चा शुरू हो गई है।
यह भी कहा जा रहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के बाद शायद धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के साथ दिखाई न दें।
प्लेऑफ में पहुंचने पर हो सकती है वापसी
हालांकि अभी सभी संभावनाएं खत्म नहीं हुई हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि चेन्नई सुपर किंग्स प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल रहती है तो महेंद्र सिंह धोनी दोबारा टीम के साथ जुड़ सकते हैं।
लेकिन इसके लिए चेन्नई का रास्ता बेहद कठिन माना जा रहा है। सबसे पहले टीम को गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपना अंतिम लीग मुकाबला जीतना होगा। इसके साथ ही अन्य मुकाबलों के परिणाम भी चेन्नई के पक्ष में जाने जरूरी होंगे।
चेन्नई की उम्मीदें बनाए रखने के लिए पंजाब किंग्स को लखनऊ सुपर जायंट्स को हराना होगा। वहीं मुंबई इंडियंस को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी। इसके अलावा दिल्ली कैपिटल्स को कोलकाता नाइट राइडर्स को हराना पड़ेगा।
यदि ये सभी परिणाम चेन्नई के पक्ष में जाते हैं, तो पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स 13 अंकों के साथ बाहर हो जाएंगे। दूसरी ओर चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के 14 अंक हो सकते हैं। इसके बाद फैसला रन रेट के आधार पर होगा।
हालांकि रन रेट के मामले में फिलहाल चेन्नई सुपर किंग्स की स्थिति बहुत मजबूत नहीं मानी जा रही है। यदि बाकी मुकाबलों में एक भी परिणाम उल्टा हुआ, तो टीम का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना समाप्त हो जाएगा।