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भारत की सैन्य ताकत में इजाफा, वायु अस्त्र-1 ने 100 किमी रेंज का सफल परीक्षण किया

पोखरण और जोशीमठ में परीक्षण के दौरान सटीक निशाना, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी प्रदर्शन सफल।

By श्वेता सिंह

May 22, 2026 07:45 IST

पुणे: देश की रक्षा क्षेत्र की कंपनी निबे लिमिटेड ने अपने स्वदेशी लॉयटरिंग मुनिशन सिस्टम ‘वायु अस्त्र-1’ का सफल परीक्षण किया है। यह एक ऐसा आधुनिक हथियार है जो लगभग 100 किलोमीटर दूर तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।

कंपनी के अनुसार, यह सिस्टम इजरायली लॉयटरिंग मुनिशन तकनीक पर आधारित है, लेकिन इसे भारत में विकसित किया गया है। यह हथियार दुश्मन के सैनिकों (एंटी-पर्सनल) और टैंकों (एंटी-आर्मर) दोनों को निशाना बना सकता है, जिससे इसकी उपयोगिता आधुनिक युद्ध में काफी बढ़ जाती है।

अप्रैल 2026 में इसका परीक्षण राजस्थान के पोखरण और उत्तराखंड के जोशीमठ (मलारी) क्षेत्र में बिना किसी खरीद या लागत प्रतिबद्धता (NCNC) के किया गया। इन परीक्षणों का उद्देश्य इसकी वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में क्षमता को परखना था।

18 और 19 अप्रैल को पोखरण में हुए परीक्षण के दौरान वायु अस्त्र-1 ने 10 किलोग्राम वारहेड के साथ 100 किलोमीटर दूर लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा। इसकी सटीकता बहुत अधिक रही और सर्कुलर एरर प्रोबेबिलिटी (CEP) एक मीटर से भी कम दर्ज की गई। रात के समय किए गए एंटी-टैंक मिशन में इंफ्रारेड कैमरों की मदद से 2 मीटर CEP के साथ सटीक निशाना लगाया गया।

इस सिस्टम में हमला रोकने (अबॉर्ट-अटैक) और दोबारा हमला करने (री-अटैक) की क्षमता भी दिखाई गई। साथ ही 70 किलोमीटर दूर स्थित फॉरवर्ड कंट्रोल सेक्शन को ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन से नियंत्रित करने की सुविधा भी सफल रही, जो युद्ध में आगे बढ़ रहे सैनिकों के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है।

इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को जोशीमठ-मलारी क्षेत्र में 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर इसका परीक्षण किया गया। इस दौरान वायु अस्त्र-1 ने 90 मिनट से ज्यादा समय तक उड़ान भरते हुए कठिन पहाड़ी इलाकों में भी अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया और सुरक्षित वापसी की क्षमता भी दिखाई। यह परीक्षण खासतौर पर लद्दाख और उत्तराखंड जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया था।

इसके अलावा निबे लिमिटेड ने 20 मई 2026 को ‘सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर’ का भी सफल परीक्षण किया, जिसमें 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर रेंज के रॉकेट शामिल हैं। जनवरी 2026 में भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद के तहत कंपनी को 292.69 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी दिया था।

इन सफल परीक्षणों को भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ रक्षा नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे स्वदेशी हथियार भविष्य के युद्धों में सेना की ताकत और सटीकता दोनों को बढ़ाएंगे। परीक्षण के बाद कंपनी के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई है, जो लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई।

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