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दुर्गा पूजा से पहले ही बंगाल में कमल के फूलों की बंपर मांग, ऑफ-सीजन भारी डिमांड से बाजार गर्म, क्या है वजह?

खपत बढ़ने के कारण बाजार में कमल के फूलों की मांग काफी बढ़ गई है। इस वजह से कमल के फूलों की खेती करने वाले किसानों की भी अच्छी आमदनी हो रही है।

By Moumita Bhattacharya

May 21, 2026 19:53 IST

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अचानक से कमल के फूलों की मांग बढ़ गई है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल को हराकर राज्य में सत्ता हासिल करने के बाद पूरे राज्य में उत्सव का माहौल देखा जा रहा है। भाजपा के विधायकों का जहां भी स्वागत हो रहा है वहां पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें कमल के फूलों की मालाओं से सम्मानित कर रहे हैं। मंच सजावट में भी कमल के फूलों का खासतौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस वजह से खपत बढ़ने के कारण बाजार में कमल के फूलों की मांग काफी बढ़ गई है। इस वजह से कमल के फूलों की खेती करने वाले किसानों की भी अच्छी आमदनी हो रही है।

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पिछले कई सालों से हावड़ा के ग्रामीण इलाकों में कमल के फूलों की खेती हो रही है। किसानों का कहना है कि साल का यह समय आमतौर पर कमल के फूलों का सीजन नहीं होता है। इस वजह से इस समय इनकी कीमत भी काफी कम रहती है। लेकिन इस साल बात अलग है।

भाजपा के सत्ता में आने की वजह से कमल के फूलों की कीमतों ने लगभग 4 गुना छलांग लगायी है। किसानों का मानना है कि कमल के फूलों की जितनी तेजी से मांग बढ़ रही है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में इनकी कीमत और बढ़ेगी।

हावड़ा जिले के बागनान थाना क्षेत्र के ओड़फुली, नाकच, हेलेद्वीप, राणा, बांकुड़दह जैसे क्षेत्रों में बड़े-बड़े तालाबों में कमल के फूलों की खेती से ही काफी लोग अपनी आजीविका चलाते हैं। साथ ही हावड़ा-खड़गपुर रेलवे लाइन के किनारे, कुलगाछिया से भोगपुर और पांशकुड़ा तक रेलवे लाइन के दोनों ओर तालाबों में कमल के फूलों की खेती होती है।


Image - ANI


बागनान के किसानों का कहना है कि साल में सबसे ज्यादा कमल के फूलों की मांग दुर्गापूजा के समय बढ़ती है। उसी समय कीमत भी अच्छी मिलती है। लेकिन इस बार ऑफ-सीजन में ही मांग अधिक होने से किसानों को फायदा मिल रहा है। कुछ लोग मौके का फायदा उठाकर फूलों के लिए अतिरिक्त कीमत भी वसूल रहे हैं।

हावड़ा जिले के हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारी सुप्रतीक मैत्रा ने बताया कि ठंड का प्रभाव कम होने के बाद दक्षिण बंगाल में कमल के फूलों की खेती शुरू होती है। चूंकि पूरे साल कमल के फूलों की ज्यादा मांग नहीं रहती इसलिए किसान इन्हें कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखकर दुर्गा पूजा के समय बेचने की तैयारी करते हैं।

लेकिन इस बार अप्रत्याशित रूप से ऑफ-सीजन में भी कमल के फूलों की मांग बढ़ गई है। वर्तमान में एक कमल का फूल लगभग 4 से 5 रुपये तक में बिक रहा है। लेकिन किसानों का कहना है कि साल के इस समय में आमतौर पर कमल के एक फूल की कीमत 1 रुपया से भी कम होती है।

भाजपा के हावड़ा ग्रामीण संगठनात्मक जिला अध्यक्ष देवाशीष सामंत का कहना है कि कमल हमारा राष्ट्रीय फूल है। इसके अलावा यह हमारी पार्टी का चुनाव चिन्ह भी है। शायद इसी कारण अब कमल के फूलों की मांग बढ़ रही है। इससे फूल किसानों की आय का एक नया रास्ता भी खुलेगा।

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