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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में NIA ने कोलकाता से एक को किया गिरफ्तार, पहलगाम हमले से जुड़े हैं तार

कोलकाता के एंटाली इलाके से ही जाफर रियाज देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जासूसी के अपने नेटवर्क को फैलाने की योजना बना रहा था जिसे NIA ने जाल बिछाकर गिरफ्तार किया है।

By Moumita Bhattacharya

May 22, 2026 10:08 IST

कोलकाता के एंटाली इलाके की घनी बस्ती से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में जाफर रियाज उर्फ रिजवी को गिरफ्तार किया गया है। उसे NIA की टीम ने जाल बिछाकर गिरफ्तार किया है। दावा किया जा रहा है कि कोलकाता के एंटाली इलाके से ही वह देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जासूसी के अपने नेटवर्क को फैलाने की योजना बना रहा था। गत बुधवार (20 मई) को NIA ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी।

बता दें, जाफर कोलकाता के एक व्यवसायी परिवार का लड़का है जिसकी शुरुआती जिंदगी बेहद साधारण रही थी। वह अपने पारिवारिक जूते के कारोबार को संभालता था। लेकिन शादी के बाद रियाज का जीवन पूरी तरह बदल गया। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उसकी शादी पाकिस्तान में लाहौर के मॉडल टाउन की युवती राबिया से तय हुई। साल 2005 में उसकी शादी हुई थी।

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हालांकि अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि यह शादी लाहौर में हुई थी अथवा कोलकाता में। लेकिन खुफिया एजेंसी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि इसके बाद ही उसका पाकिस्तान आना-जाना लगा हुआ था। शादी के बाद रियाज अपनी पत्नी के साथ बेनियापुकुर इलाके में रहने लगा। इसी दौरान उनके दो बच्चों का जन्म हुआ।

एक हादसा और बदल गयी पूरी जिंदगी

सूत्रों के हवाले से जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि 2012 के बाद रियाज का जीवन पूरी तरह से बदल गया। वह एक हादसे का शिकार हुआ और उसके इलाज में भारी रकम खर्च हुई। कारोबार लगभग बंद होने के कगार पर पहुंच गया। ऐसे मुश्किल समय में उसके ससुरालवालों ने उससे लाहौर जाने की सलाह दी। उसने पहले अपनी पत्नी राबिया और दोनों बच्चों को पाकिस्तान भेजा और फिर कोलकाता की अपनी पूरी संपत्ति बेचकर खुद टूरिस्ट वीजा पर पाकिस्तान चला गया।

ससुरालवालों की मदद से उसने पाकिस्तान की नागरिकता के लिए भी आवेदन किया। इस दौरान उसका आना-जाना पाकिस्तान के विभिन्न सरकारी ऑफिसों में हुआ। वहीं वह अवैस नामक एक पाकिस्तानी अधिकारी से मिला।

मिली जानकारी के अनुसार वह लाहौर के रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में अधिकारी के रूप में काम करता था लेकिन वास्तव में वह एक अंडरकवर इंटेलिजेंस ऑफिसर था। उसकी मदद से रियाज को आसानी से पाकिस्तानी दस्तावेज तो मिल गए लेकिन उसे उनकी एक शर्त माननी पड़ी - रियाज भारत में पाकिस्तान के लिए जासूसी करेगा।

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बढ़ा जासूसी का नेटवर्क

अवैस ने ही रियाज को ISI के अधिकारियों से मिलवाया। पाकिस्तान में सिर्फ उसे पनाह ही नहीं दी गई बल्कि अच्छी-खासी रकम भी दी गई थी। इसके बाद इलाज के बहाने रियाज का भारत आना-जाना शुरू हुआ। वह हर बार एक नए शहर में इलाज के बहाने भारत आता था फिर उस शहर के महत्वपूर्ण संस्थाओं की रेकी कर उनकी फोटो पाकिस्तान भेजा करता था।

जांच एजेंसियों का मानना है कि अवैस ही उसका हैंडलर था। धीरे-धीरे उसका नेटवर्क भी बढ़ने लगा। अमृतसर रेलवे स्टेशन के बाहर नींबू पानी बेचने वाला मोहम्मद शमसाद (मूल रूप से बिहार के मधुबनी का निवासी) को उसने ही भर्ती किया था। उसने मृतसर एयरफोर्स स्टेशन जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके की तस्वीरें खींचकर रियाज को भेजी थीं। पंजाब में नेटवर्क फैलाने के दौरान रियाज एक बार गिरफ्तार भी हुआ था।

हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। जांच में यह भी पता चला है कि पिछले कुछ महीनों में वह कई बार बांग्लादेश भी गया था।

पहलगाम हमले से जुड़े तार

लेकिन पहलगाम हमले की जांच के दौरान NIA ने CRPF कर्मी मोतीराम जाट को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के दौरान अन्य संदिग्ध जासूसों की तलाश करते हुए जांच एजेंसियों के हाथ फिर रियाज का नाम लगा। तभी से उसकी तलाश जारी थी।

आखिरकार उसे कोलकाता के एंटाली इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोलकाता को केंद्र बनाकर रियाज ने अपना जासूसी नेटवर्क कितना फैला लिया था।

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