गुरुवार को कोलकाता में मौसम में भले ही ठंडक रही हो लेकिन सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया था। दोपहर करीब 12 बजे दक्षिण कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट की एक बहुमंजिला इमारत को पुलिस की विशाल वाहिनी ने घेर रखा था। I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर जिस समय एन्फोर्समेंट डिरेक्टोरेट (ED) के अधिकारी तलाशी अभियान चला रहे थे उसी समय वहां अचानक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कोलकाता पुलिस के कमिश्नर मनोज वर्मा पहुंच गए।
भले ही केंद्रीय वाहिनी के साथ पहुंचे ED के अधिकारी छापेमारी चला रहे थे लेकिन उनके सामने से ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हरे रंग का एक फाइल लेकर निकल गयी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उन्हें रोका क्यों नहीं गया? ED के अधिकारियों ने इस बारे में क्या कहा?
ED के अधिकारियों की सफाई
ED के एक प्रमुख अधिकारी का कहना है, 'हम कुछ नहीं कर सकते थे। मुख्यमंत्री के साथ उस समय बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। एक प्रकार से पूरी इमारत और प्रतीक (जैन) के कमरे को कोलकाता पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। हम गिने-चुने कुछ लोग थे। इसलिए मुख्यमंत्री को रोकना संभव नहीं हो सका।' ED के अधिकारियों का दावा है कि जिस समय लाउडन स्ट्रीट के फ्लैट पर छापेमारी की जा रही थी तब वहां ED के मात्र 4 अधिकारी ही मौजूद थे जिनमें से एक महिला थी।
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बाहर पहले पर करीब 4 केंद्रीय वाहिनी के जवान तैनात थे। लेकिन मुख्यमंत्री जब वहां पहुंची तब उनके साथ कोलकाता पुलिस के कमिश्नर मनोज वर्मा और डीसी (साउथ) प्रियव्रत राय भी पहुंचे। इसके अलावा कमरे के बाहर कोलकाता पुलिस के कम से कम 30 कर्मी व ऑफिसरों की एक विशाल टीम भी मौजूद थी। इसके अलावा इमारत के नीचे भी बड़ी संख्या में वर्दी और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी मौजूद थे।
ED के अधिकारियों का दावा है कि इससे पहले भी उन्होंने देश के कई जगहों पर छापेमारी की थी लेकिन किसी राज्य प्रशासन का प्रधान खुद आकर इस तरह से दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लेगा, यह उनके लिए कल्पनातीत थी। हालांकि मुख्यमंत्री ने वह फाइल क्यों उठाया इस बारे में वह गुरुवार को कई बार मीडिया के सामने खुलासा कर चुकी हैं।
ED सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रतीक जैन के कमरे में प्रवेश करने के बाद जांच अधिकारियों से मुख्यमंत्री ने कहा, "यहां जो कुछ है सब कुछ मेरी है। प्रतीक जैन का कुछ नहीं है। यह मेरा ऑफिस है। अगर भाजपा के ऑफिस में इस तरह से सर्च किया जाता तो क्या होता?" दिल्ली से छापेमारी के लिए आए ED के अधिकारी थोड़ा अचंभित ही हुए थे।
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परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने शांति से जवाब दिया, "मैडम, हम सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। यह हमारा काम है। हमें तो अपनी ड्यूटी करनी ही पड़ेगी।" ED का आरोप है कि यह सुनने के बावजूद मुख्यमंत्री ने जबरदस्ती काफी दस्तावेज, फाइल और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज वहां से उठा लिए।
कुछ ऐसी ही परिस्थिति I-PAC के सॉल्टलेक स्थिति ऑफिस में भी हुई थी। वहां करीब 12.45 बजे बड़ी संख्या में फाइल और दस्तावेजों को एक गाड़ी में रखवाया गया। जल्दबाजी में कुछ फाइल नीचे भी गिर गयी थी जिसे लेकर थोड़ी देर के लिए हंगामा भी मच गया था। ममता बनर्जी I-PAC के ऑफिस में काफी देर तक रही। वहां उन्होंने बैठक भी की और शाम करीब 4.25 बजे वह वहां से निकलीं।