कोलकाताः केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि ओडिशा और दिल्ली के रास्ते बंगाल में भी आगामी विधानसभा चुनाव के बाद आयुष्मान भारत योजना लागू होगी। उन्होंने राज्य में प्रसूति-मृत्यु दर में खराब प्रदर्शन को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
नड्डा ने गुरुवार को ईएम बाईपास स्थित एक क्लब में चिकित्सकों के साथ बैठक के दौरान कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग अभी तक आयुष्मान भारत का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं राजनीति नहीं करना चाहता, लेकिन बहुत दुखद है कि बंगाल के गरीब लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। मैंने ममता बनर्जी से कहा कि आम जनता का क्या दोष है, लेकिन उन्होंने कहा, ‘नहीं होगा, नहीं होगा।’”
नड्डा ने आगे कहा कि इससे पहले ओडिशा में भी नवीन पटनायक ने योजना लागू करने से मना किया था, लेकिन वहां के लोगों ने सरकार को बदल दिया और योजना लागू हो गई। दिल्ली में भी अरविंद केजरीवाल ने पहले कहा था कि योजना लागू नहीं होगी, लेकिन वहां भी जनता ने सरकार को हटाया और आयुष्मान भारत चालू हुआ। नड्डा ने भरोसा दिलाया कि बंगाल में भी यही होगा।
केंद्रीय मंत्री ने आयुष्मान भारत की खासियतों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया है कि 70 साल से अधिक उम्र के लोग जीवन भर पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा सकते हैं। सामान्यत: बीमा कंपनियां 60 साल की उम्र के बाद बीमा बंद कर देती हैं, लेकिन मोदी सरकार ने इसे 70 साल से शुरू किया है।
तृणमूल नेताओं का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना सभी के लिए नहीं है और इसके लिए कुछ मापदंड पूरे करना जरूरी है। इसके विपरीत, बंगाल की अपनी स्वास्थ्यसाथी योजना में कोई मापदंड नहीं है और हर कोई इसका लाभ ले सकता है। स्वास्थ्यसाथी कार्ड मुख्यतः महिला सदस्य के नाम पर जारी होता है, जिससे यह महिला सशक्तिकरण का भी माध्यम बनता है।
नड्डा ने यह भी कहा कि राज्य में प्रसूति-मृत्यु दर में कमी अपेक्षित नहीं है। “देशभर में प्रसूति मृत्यु दर 31% कम हुई है, जबकि बंगाल में केवल 16% कम हुई। यह चिंता का विषय है।”