AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता...इन दिनों काफी ज्यादा ट्रेंड में है। फोटो एडिटिंग से लेकर ई-मेल लिखने तक लोग रोजमर्रा के हजारों काम में AI का इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन पत्रकारिता से जुड़े लोग कैसे AI का इस्तेमाल कर अपने काम को बेहतर और आसान बना सकेंगे, इससे जुड़ी बारीकियों को समझाने के लिए कोलकाता प्रेस क्बल में एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप का आयोजन Reason Skills और कोलकाता प्रेस क्लब ने साथ मिलकर किया।
इस मौके पर उपस्थित IIM कोलकाता के प्रोफेसर राहुल कुमार ने AI के इस्तेमाल में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "AI को एक सपोर्ट सिस्टम की तरह ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ठीक उसी तरह से जैसे गूगल को एक सर्च इंजन की तरह इस्तेमाल किया जाता है। AI पर ही पूरी तरह से निर्भर न होकर उससे मिलने वाले जवाबों की सत्यता और उनको मानवीय दृष्टिकोण से जांचना बहुत जरूरी है।"
नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सैकत बंद्योपाध्याय ने AI के इस्तेमाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। उन्होंने एक ही प्रॉम्पट के लिए विभिन्न AI प्लेटफार्म से मिलने वाले जवाबों की तुलना करते हुए समझाया कि कौन से AI प्लेटफार्म का इस्तेमाल किस खास काम के लिए करना चाहिए।
अगर किसी फेक न्यूज के बारे में पता लगाना है तो उसमें कौन सा AI प्लेटफार्म एक पत्रकार की मदद कर सकता है। खबरों में गलतियों को सुधारने से लेकर उन्हें रोचक तरीके से लिखने तक में कौन सा AI प्लेटफार्म मददगार साबित होगा। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी समझाया कि अगर कोई वायरल फोटो किसी खबर का दावा करती है तो उसकी जांच कैसे की जा सकती है।
इस मौके पर कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष स्नेहाशिष सूर, सचिव किंग्शुक प्रामाणिक, रिज़न एनालिटिक्स के संस्थापक और सीईओ विप्लव जाना और रिजन स्किल्स की अकादमीक निदेशक इना बोस भी उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। वर्कशॉप में हिस्सा लेने वाले मीडियाकर्मियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।