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तेजी से विक्टोरिया मेमोरियल की ओर बढ़ रही है 'दुर्गा', कितना आगे बढ़ा कोलकाता मेट्रो के पर्पल लाइन का काम?

पिछले साल जुलाई से ही टनल बोरिंग मशीन (TBM) 'दुर्गा' अपना काम शुरू कर दिया था। यह यंत्र नवंबर में रॉयल कलकत्ता टर्फ क्लब (RCTC) के नीचे तक पहुंच गयी थी।

By Moumita Bhattacharya

Jan 10, 2026 13:59 IST

जोका-बीबीडी बाग मेट्रो रेल परियोजना यानी कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस साल जुलाई में खिदिरपुर से एस्प्लेनेड की ओर जाने वाले मेट्रो रेल की सुरंग खुदाई का काम शुरू कर दिया गया था। इस बात की जानकारी इस लाइन का निर्माण कर रही रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के अधिकारियों ने दी।

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल जुलाई से ही टनल बोरिंग मशीन (TBM) 'दुर्गा' अपना काम शुरू कर दिया था। बताया जाता है कि यह यंत्र नवंबर में रॉयल कलकत्ता टर्फ क्लब (RCTC) के नीचे तक पहुंच गयी थी।

बताया जाता है कि इस यंत्र को RCTC के नीचे सुरंग की खुदाई कर आगे बढ़ने में कोई बाधा नहीं हुई। रेस कोर्स के नीचे से होकर TBM 'दुर्गा' ने जितनी दूरी तय की उसकी चौड़ाई करीब 600 मीटर है। लगभग 2 महीने पहले इस रास्ते को पार कर वर्तमान में यह यंत्र विक्टोरिया स्टेशन की ओर बढ़ रही है। चूंकि कलकत्ता टर्फ क्लब के जिस हिस्से में कोलकाता रेस कोर्स मौजूद है, वह ऐतिहासिक लैंडमार्क है।

इसलिए सुरंग की खुदाई करते समय मशीन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी है। मिली जानकारी के अनुसार इस सुरंग की खुदाई का जो नक्शा तैयार किया गया था उसी के आधार पर यंत्र खुदाई करती हुई आगे बढ़ी है। रेसकोर्स के स्टैंड का निर्माण 1901-02 के आसपास किया गया था। इसलिए खुदाई करते समय इस बात का ध्यान भी रखा गया था कि कहीं इन्हें कोई नुकसान न हो जाए।

मीडिया रिपोर्ट में RVNL सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि खिदिरपुर से विक्टोरिया तक टनल बनाने का पहला चरण दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया है। इनमें से जून 2026 तक TBM 'दुर्गा' विक्टोरिया तक पहुंच जाएगी। इसकी जुड़वा सुरंग बनाने की जिम्मेदारी TBM 'दिव्या' को दी गयी है।

बताया जाता है कि दिसंबर 2026 तक यह विक्टोरिया तक पहुंच जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार सुरंग की खुदाई करते हुए वर्तमान में TBM 'दिव्या' टाली नाला तक पहुंच चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि फरवरी तक यह RCTC तक पहुंच जाएगी। सुरंग की खुदाई का काम पार्क स्ट्रीट तक पूरा करने के लिए मार्च 2027 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बता दें, खिदिरपुर के सेंट थॉमस ब्वॉयज स्कूल के मैदान में एक शेफ्ट का निर्माण कर दोनों TBM को खुदाई के लिए जमीन के नीचे उतारा गया है। दोनों TBM को खिदिरपुर से पार्क स्ट्रीट के बीच करीब 1.7 किलोमीटर की दूरी में जुड़वां सुरंग की खुदाई का काम पूरा करना होगा। बताया जाता है कि पार्क स्ट्रीट से एस्प्लेनेड के बीच सुरंग की खुदाई के लिए TBM का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

इस बारे में RVNL की ओर से बताया गया है कि RCTC के नीचे से जिस समय सुरंग की खुदाई की जा रही थी, तब किसी स्थान पर मिट्टी कहीं बैठ तो नहीं रही है न...इसका पता लगाने के लिए हेरिटेज स्टैंड पर 'लाइव मॉनिटरिंग सेंसर' लगाया गया था। बताया जाता है कि TBM 'दुर्गा' ने जब इस जगह पर खुदाई की तब कहीं कोई समस्या पैदा नहीं हुई।

लगभग 100 मीटर चौड़ी और 600 टन वजनी इस यंत्र के सामने विक्टोरिया मेमोरियल तक फिलहाल कोई बाधा नजर नहीं आ रही है।

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