पेरिस (फ्रांस): इस समय निर्वासन में रह रहे ईरान के पूर्व युवराज रज़ा पहलवी ने शनिवार को ईरान के आर्थिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों से हड़ताल करने की अपील की। उन्होंने लोगों से तेहरान के केंद्र की ओर बढ़ने का भी आह्वान किया।
पहलवी ने देशभर में जारी प्रदर्शनों का समर्थन किया और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई तथा सत्तारूढ़ व्यवस्था के खिलाफ हो रहे आंदोलनों की सराहना की।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “मेरे प्रिय देशवासियो, आपके साहस और धैर्य ने पूरी दुनिया की प्रशंसा हासिल की है। शुक्रवार शाम ईरान की सड़कों पर आपकी ज़ोरदार मौजूदगी इस्लामी गणराज्य के विश्वासघाती और अपराधी नेता की धमकियों का करारा जवाब थी। मुझे पूरा विश्वास है कि उसने ये दृश्य अपने ठिकाने से देखे होंगे और भयभीत हुआ होगा। अब- जब आपने पहली अपील पर मज़बूती से प्रतिक्रिया दी है तो मुझे भरोसा है कि यदि हम सड़कों पर अपनी मौजूदगी को और संगठित करें और साथ ही आर्थिक संसाधनों को रोकें तो इस्लामी गणराज्य और उसकी कमज़ोर दमनकारी व्यवस्था को पूरी तरह घुटनों पर ला देंगे।”
निर्वासित युवराज ने शनिवार और रविवार को भी प्रदर्शनों और हड़तालों का आह्वान किया। शुक्रवार को ईरान में विरोध-प्रदर्शन का तेरहवां दिन था।
उन्होंने कहा, “मैं प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों—विशेष रूप से परिवहन, तेल, गैस और ऊर्जा में काम करने वाले मज़दूरों और कर्मचारियों से देशव्यापी हड़ताल शुरू करने की अपील करता हूँ। साथ ही, आज और कल, शनिवार और रविवार शाम छह बजे से झंडों, चित्रों और राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ सड़कों पर उतरें और सार्वजनिक स्थानों को वापस हासिल करें। अब हमारा लक्ष्य केवल सड़कों पर मौजूद रहना नहीं है, बल्कि शहरों के केंद्रों पर नियंत्रण की तैयारी करना है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए शहरों के केंद्रीय इलाकों की ओर अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ें और अलग-अलग समूहों को आपस में मिलाएँ। साथ ही अभी से सड़कों पर टिके रहने और आवश्यक व्यवस्थाएँ करने की तैयारी करें।”
पहलवी ने यह भी कहा कि वह ईरान लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैं भी अपने वतन लौटने की तैयारी कर रहा हूँ ताकि हमारी राष्ट्रीय क्रांति की जीत के क्षण में, ईरान की महान जनता के साथ खड़ा रह सकूँ। मुझे विश्वास है कि वह दिन अब बहुत दूर नहीं है।”
इस बीच, एक नीति अनुसंधान संगठन ने बताया कि 8 जनवरी को दोपहर बाद से ईरान के 22 प्रांतों में 116 विरोध-प्रदर्शन दर्ज किए गए। इनमें से 20 बड़े प्रदर्शन थे, जिनमें एक हज़ार से अधिक लोग शामिल हुए। इंटरनेट बंद होने के कारण सभी प्रदर्शनों की जानकारी सामने नहीं आ पा रही है। बताया गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने विदेशी मीडिया तक जानकारी पहुँचाने के लिए उपग्रह इंटरनेट सेवाओं का सहारा लिया। इंटरनेट निगरानी संस्था ने बताया कि ईरान में देशव्यापी इंटरनेट बंदी 36 घंटे से जारी है, जिससे लोगों के लिए अपने मित्रों और परिजनों की सुरक्षा की जानकारी लेना बेहद कठिन हो गया है।
इससे पहले शनिवार को कई विश्व नेताओं ने ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या और गिरफ्तारी की निंदा की। एक संयुक्त बयान में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने ईरानी नागरिकों के साहस की सराहना की और शासन द्वारा की गई कठोर कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।