ढाकाः अमेरिका के नक्शे पर अब बांग्लादेश का नाम और गहराई से उभर आया है। मिशिगन राज्य के हैमट्रमैक (Hamtramck) शहर में एक प्रमुख सड़क का नाम बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और हाल ही में दिवंगत खालिदा ज़िया के नाम पर रखा गया है। इस शहर की ‘कारपेंटर स्ट्रीट’ का नाम बदलकर अब इसे ‘खालिदा ज़िया स्ट्रीट’ कहा जाएगा। इस प्रस्ताव को हाल ही में हैमट्रमैक सिटी काउंसिल ने मंजूरी दी।
30 दिसंबर को ढाका में खालिदा ज़िया का निधन हो गया। उनकी उम्र उस समय 80 वर्ष थी। उनके निधन के कुछ ही दिनों बाद अमेरिका के इस शहर में उन्हें यह दुर्लभ सम्मान देकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इससे पहले शिकागो में उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के नाम पर भी एक सड़क का नाम रखा गया था।
हैमट्रमैक शहर में यह केवल सड़क का नाम बदलने तक ही सीमित नहीं है। डेट्रॉयट के ‘रस्ट बेल्ट’ इलाके में स्थित यह शहर अब अमेरिका का पहला और एकमात्र मुस्लिम-बहुल शहर बन चुका है। एक समय यह शहर पोलिश प्रवासियों का गढ़ था और इसे ‘लिटिल वारसा’ कहा जाता था। अब यह शहर बांग्लादेशी और यमनी प्रवासियों का मजबूत केंद्र बन चुका है।
साल 2013 में यह शहर मुस्लिम-बहुल बन गया। इसके बाद 2022 में हैमट्रमैक में अमेरिका के इतिहास की पहली ‘ऑल-मुस्लिम’ सिटी काउंसिल बनाई गई। वर्तमान काउंसिल में चार सदस्य बांग्लादेशी मूल के हैं। उनके प्रयासों से ही ‘कारपेंटर स्ट्रीट’ का नाम बदलकर ‘खालिदा ज़िया स्ट्रीट’ किया गया।
जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, इस शहर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी विदेश में जन्मी है। यहां डोनट शॉप की जगह यमनी कैफे खुल गए हैं और पोलिश रेस्तरां अब ‘सिलहट कैफे’ के नाम से पहचाने जाते हैं। तमाम विवादों और ‘शरियाविल’ जैसी चर्चाओं के बावजूद, हैमट्रमैक आज बहुजातीय सह-अस्तित्व का एक अद्वितीय उदाहरण बनकर उभरा है।
शहर के मेयर आमिर ग़ालिब का कहना है कि मतभेदों के बावजूद यहां के लोग आपसी सम्मान और सहयोग के साथ रहते हैं। खालिदा ज़िया के नाम पर सड़क का यह नामांकन इस शहर में बांग्लादेशी समुदाय की बढ़ती पहचान और प्रभाव को भी दिखाता है।