शुक्रवार को नादिया के ताहिरपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग और ED पर एक साथ हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग आम लोगों को परेशान कर रहा है और विपक्षी पार्टियों के पीछे ED को लगाया गया है। इसके साथ ही अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को आमने-सामने बैठकर और एक-दूसरे के शासनकाल का रिपोर्ट लेकर चर्चा करने की चुनौती दी।
गुरुवार को ED ने I-PAC के सॉल्टलेक ऑफिस में छापेमारी की। जांच अधिकारियों ने I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर भी तलाशी अभियान चलाया था। इसे केंद्र कर ही राज्य की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। गुरुवार को तो अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया लेकिन अगले दिन अपनी सभा से उन्होंने चुनाव आयोग और ED पर एक साथ निशाना साधा। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ED के माध्यम से विपक्ष को चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
SIR की सुनवाई के दौरान भी बड़े पैमाने पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया जा रहा है। अपने बयान में अभिषेक बनर्जी ने उस मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा, '80-85 साल के वृद्ध जो चल भी नहीं पाते हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें भी सुनवाई के लिए बुलाया है।' उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग आम लोगों को परेशान कर रहा है और ED विपक्ष का मुंह बंद करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा के राज्य कमेटी के सदस्य कालीपद सेनगुप्ता ने लक्ष्मी भंडार लेने वाली महिलाओं को घरों में कैद करने का बयान दिया था। इस बारे में अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कौन किसे कैद करता है इस तो तभी पता चल जाएगा जब बैलेट बॉक्स खुलेगा। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा को 10-0 गोल से हरा देंगे।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने यह भी साफ कर दिया कि बंगाल दिल्ली के जल्लादों के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने ताहिरपुर की बैठक से नादिया में 17 विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। मतुआ समुदाय के लोगों के लिए बिना शर्त नागरिकता की मांग करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "या तो बिना शर्त नागरिकता दी जाए या फिर मोदी गद्दी छोड़े। दूर हटो।"
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को आमने-सामने बैठकर बात करने की चुनौती देते हुए कहा कि आप अपने 11 सालों का रिपोर्ट कार्ड लाएं। हम अपना 15 सालों का रिपोर्ट कार्ड लाएंगे। आप ही तय करें कि कहां बैठना है। उन्होंने सीधा कहा कि अगर मतदाता अवैध घोषित होते हैं तो प्रधानमंत्री भी अवैध हैं। गृह मंत्री भी अवैध हैं।
“ Banglar manushera BJP’r Jollad der kache aar Delhi’r zamindar der kache MATHA NOTO KORBE NA! “
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) January 9, 2026
-Shri @abhishekaitc pic.twitter.com/diWYDGCnW7