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बेटे को जन्म देने पर सोनाली खातून को अभिषेक बनर्जी ने दी बधाई, कहा - अस्पताल में मिलने जाऊंगा

वह जिस अन्याय का शिकार हुईं थीं, उसे ध्यान में रखते हुए खुशी का यह पल और भी गहरा लगता है - अभिषेक बनर्जी

By Sayani Jowardar, Posted By : Moumita Bhattacharya

Jan 05, 2026 15:46 IST

देश की धरती पर ही सोनाली खातून ने अपने बेटे को जन्म दिया। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने सोनाली और उनके नवजात बच्चे को बधाई दी।

सोमवार को अभिषेक बनर्जी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, 'वह जिस अन्याय का शिकार हुईं थीं, उसे ध्यान में रखते हुए खुशी का यह पल और भी गहरा लगता है। कल (6 जनवरी) मैं बीरभूम जा रहा हूं। मैं खुद सोनाली और उनके नवजात बच्चे को बधाई देने के लिए अस्पताल जाऊंगा।'

गौरतलब है कि बीरभूम के रामपुरहाट की रहने वाली सोनाली खातून दिल्ली में नौकरानी का काम करती थी। दिल्ली में रहने के वह बांग्ला भाषा में ही बात करती थी। आरोप है कि इसीलिए दिल्ली पुलिस ने सोनाली खातून को बांग्लादेशी बताकर गिरफ्तार कर लिया। गर्भवती सोनाली खातून को BSF ने बांग्लादेश में भेज दिया था।

ऐसी स्थिति में भी सोनाली को एक अपराधी की तरह दूसरे देश में कैद होना पड़ा। हालांकि उसने एक बार भी हिम्मत नहीं हारी। वह शुरुआत से ही लड़ रही थी और उसका परिवार भी उसके साथ खड़ा था। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी भी इस बारे में बार-बार अपनी आवाज बुलंद की थी।

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद भी जब आरोप लगे कि केंद्र सरकार सोनाली खातून को देश में वापस लाने में काफी देर कर रहा है तो अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे को सबके सामने उठाया। लगभग 6 महीने की मुश्किल के बाद सोनाली बीबी आखिरकार 5 दिसंबर को भारत लौटीं। उस समय वह अपनी गर्भावस्था के एडवांस्ड चरण में थीं। घर लौटने के बाद सोनाली खातून ने ममता और अभिषेक बनर्जी को धन्यवाद दिया था।

सोनाली खातून के देश में वापस लौटने के बाद ही अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि वह उनसे मिलेंगे। अपने पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने लिखा, 'सोनाली ने बीरभूम रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। उसके साथ हुए अन्याय को देखते हुए खुशी का यह पल और भी गहरा है।

सत्ता का गलत इस्तेमाल करके उसे बांग्लादेशी बताकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने जबरदस्ती बांग्लादेश भेज दिया था। यह तकलीफ न सिर्फ एक नागरिक की गरिमा का उल्लंघन है बल्कि एक गर्भवती मां को इसे सहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। फिर भी सोनाली ने बहुत हिम्मत और पक्का इरादा दिखाया है। यह इंसानियत की जीत है।'

सोनाली खातून के पड़ोसी रोहन अली ने कहा कि मैं रविवार को शाम 5 बजे सोनाली खातूनको रूटीन जांच के लिए पाइकर अस्पताल ले गया था। वहां से उसे रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में रेफर किया गया।

उसे रात 9 बजे भर्ती किया गया था। बाद में डॉक्टरों ने कहा कि सिजेरियन सेक्शन की जरूरत होगी। सोनाली खातून ने सोमवार की सुबह 11 बजे एक बेटे को जन्म दिया। मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं। परिवार ने अभी तक नवजात का नाम तय नहीं किया है। रोहन ने कहा कि अभिषेक बनर्जी मंगलवार को आ रहे हैं। वह सोनाली से भी मिलेंगे। अगर वह उसका नाम रखते हैं तो बहुत अच्छा होगा।

तृणमूल के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम शुरू से ही सोनाली और उनके परिवार के संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा, "पिछले महीने सोनाली बीबी ने मुझसे इच्छा जताई थी कि बेटा या बेटी जो भी हो, उसका नामकरण मुख्यमंत्री करें। मैं आज उनसे मिलने भी गया था। हालांकि आज इस बारे में आज कोई बातचीत नहीं हुई। सिर्फ मां और नवजात बच्चे का हालचाल जानकर आ गया हूं।"

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