नई दिल्लीः टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने भारतीय सेना के साथ मिलकर पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (Pinaka MLRS) और बैटरी कमांड पोस्ट (BCP) के कुछ चयनित यूनिटों का पायलट ओवरहाल प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसे एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक–निजी साझेदारी (Public–Private Partnership) माना जा रहा है, जो सेना के फ्रंटलाइन आर्टिलरी सिस्टम की उपलब्धता और प्रदर्शन को बेहतर बनाएगी।
शुरुआत में, टाटा और सेना की 510 एडवांस बेस वर्कशॉप (ABW) मिलकर कुछ पिनाका यूनिटों का पायलट ओवरहाल करेंगे। इसके बाद बाकी यूनिटों का ओवरहाल सेना करेगी जबकि टाटा तकनीकी मदद, जरूरी स्पेयर पार्ट्स और गुणवत्ता नियंत्रण प्रदान करेगा।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम भारतीय रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा क्षेत्र की मजबूती को बढ़ाता है। टाटा ने पिनाका MLRS के निर्माण में लगभग 80 प्रतिशत देशी सामग्री का इस्तेमाल किया है। DRDO के साथ मिलकर नए गाइडेड रॉकेट और लंबी दूरी वाले संस्करण विकसित कर रहा है।
पिनाका MLRS की आधुनिक तकनीक जैसे “शूट-एंड-स्कूट” क्षमता, डिजिटल कंट्रोल सिस्टम और माइक्रोप्रोसेसर आधारित इलेक्ट्रिक सर्वो ड्राइव इसे तेज, सटीक और कठिन परिस्थितियों में टिकाऊ बनाती है। इस परियोजना से सेना के आर्टिलरी ऑपरेशन और भी प्रभावी होंगे और टाटा का रक्षा क्षेत्र में पोर्टफोलियो मजबूत होगा।
यह साझेदारी भारतीय रक्षा क्षेत्र में निजी उद्योग की भूमिका और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ लंबे समय तक आधुनिकीकरण में मददगार साबित होगी।