नयी दिल्ली/जयपुरः दिल्ली के शाहदरा इलाके में 3 जनवरी को देर रात को एक बुजुर्ग दंपति की हत्या का मामला सामने आया। उस घटना के समय घर पर उन दोनों बुजुर्ग पति-पत्नी के अलावा और कोई नहीं था। पुलिस ने जब इस मामले में जांच शुरू की थी, तो शुरुआत में कोई सबूत ही नहीं मिल पाया। यह मामला एक मर्डर मिस्ट्री बना हुआ था, लेकिन बुधवार को पुलिस ने आखिरकार इस केस की गुत्थी सुलझा दी है। इतने दिनों बाद जांच में सामने आया कि इस डबल मर्डर का अंजाम देने वाला और कोई नहीं, बल्कि उस घर का केयरटेकर ही था। जिस इंसान पर उन्होंने भरोसा किया और घर संभालने की जिम्मेदारी सौंपी, उसी ने लालच के चलते अपने मालिकों की बेरहमी से हत्या कर दी।
जानिए क्या है पूरी घटना ?
3 और 4 जनवरी की रात को लगभग 12:30 बजे दिल्ली के एम.एस. पार्क थाने में एक पीसीआर कॉल आई।कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसके माता-पिता घर के अंदर बेहाश पड़े हैं। साथ ही उसने पुलिस को यह भी बताया कि उसेक पिता के सिर पर गहरी चोट का निसान है और पड़ोसियों के अनुसार दोनों की मौत हो चुकी है। जैसे ही पुलिस को यह सूचना मिली, पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस को घर के बाहर वाले कमरे में 65 साल के परवेश बंसल बिस्तर पर पड़े मिले और अंदर वाले कमरे में उनके 71 साल के पति वीरेंद्र कुमार बेहोशी की हालत में मिले। दोनों के चेहरे और आंख के पास चोट के निशान थे और साथ ही मुंह और नाक से खून निकल रहा था। पुलिस ने तुरंत उन दोनों को हॉस्पिटल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
घर के अंदर नहीं मिला एक भी सबूत
जब पुलिस ने शुरुआत में इस मामले में छानबीन शुरू की, तो एक भी सबूत नहीं मिला। सीसीटीवी फुटेज चेक की तो आरोपी ने पूरे कपड़े पहने हुए थे, जिस वजह से उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था। इसके अलावा उसने दस्ताने पहने हुए थे। साथ ही घर के दरवाजे भी टूटे हुए नहीं थे और न ही ताले से कोई छेड़छाड़ की गई। उससे यह साफ हो गया था कि यह हत्या किसी जानने वाले ने ही की है। पुलिस ने जांच के दौरान 50 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड चेक की और इलाके का एरिया डंप निकाला। इसके साथ ही मृतक दंपति से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की गई, लेकिन पुलिस को किसी तरह का कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
गायब केयरटेकर से बढ़ा शक
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक दंपति की देखभाल के लिए दो केयरटेकर रखे थे। पुलिस ने दोनों से संपर्क किया। पहले केयरटेकर से बात करने पर पुलिस को कोई संदेह नहीं हुआ, लेकिन दूसरे केयरटेकर से जब बातचीत करने की पुलिस ने कोशिश की तो वह गायब मिला। उसकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि वह बिना मोबाइल फोन के खाटू श्याम की तीर्थयात्रा पर गया है। यह बात पुलिस को असामान्य लगी और पुलिस को शक हुआ। उसके बाद पुलिस अपनी टीम के साथ उसके घर जा पहुंची और उसकी पत्नी से उसका फोटो ले लिया। फोटो से उस केयरटेकर की हाइट को मैच किया, जो थोड़ा मिलता नजर आया।
इसी बीच पुलिस को पता चला कि आरोपी ने अपने किसी रिश्तेदार के फोन से अपनी पत्नी को कॉल किया है। उसके बाद पुलिस ने उस फोन की लोकेशन ट्रेस की तो उसकी लोकेशन राजस्थान के सीकर जिले में मिली। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम तुरंत राजस्थान के लिए रवाना हुई। पुलिस ने सीकर जिले के तापीपल्या गांव में उसे हिरासत में लिया। इसके बाद कड़ी पूछताछ के बाद उसने जुर्म कबूल किया।
आरोपी की हैरान कर देने वाली प्लानिंग
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पहले इस घर में केयरटेकर का काम करता था। उसे बहुत अच्छे से पता था कि बुजुर्ग महिला रोज सोने के गहने पहनती हैं। जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने इस वारदात की पूरी प्लानिंग की। उसने पहले अपना घर बदल लिया, मोबाइल घर पर छोड़ा, और CCTV से बचने वाले रास्ते चुने। पुराने केयरटेकर होने के कारण उसे घर में आसानी से प्रवेश मिल गया। मृतक दंपति के बेटे के घर पर नहीं होने का फायदा उठाकर उसने लूटपाट की और फिर दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी से बचने के लिए बिना मोबाइल वह साकर में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर भाग गया।