बेंगलुरुः थकान के कारण वह सो गई थीं। उन्हें पता ही नहीं चला कि घर में कब आग लग गई। नींद खुलने पर उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रात में घर में आग लगने से एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना बेंगलुरु में हुई। मृतका का नाम शर्मिला था। वह पेशे से एक इंजीनियर थीं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 34 वर्षीय युवती मैंगलोर की निवासी थीं। शर्मिला बेंगलुरु की एक प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं। वह किराए के मकान में रहती थीं। रविवार रात उसी घर में आग लग गई। रात करीब साढ़े दस बजे घर से धुआँ निकलते देख मकान मालिक ने दमकल और पुलिस को सूचना दी। उस समय शर्मिला घर के अंदर ही थीं। कई बार आवाज़ देने के बावजूद उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मकान मालिक के अनुसार, संभवतः वह सो रही थीं।
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुँचे और राहत कार्य शुरू किया। घर का दरवाज़ा तोड़कर अंदर घुसने पर शर्मिला बेहोशी की हालत में मिलीं, जिन्हें बाहर निकाला गया। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अनुमान है कि घटना के समय वह सो रही थीं और बाद में धुएँ के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आग कैसे लगी। फॉरेंसिक विभाग ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं। प्रारंभिक अनुमान है कि आग शर्मिला के बगल वाले कमरे में लगी थी, लेकिन धुआँ उनके कमरे में भर जाने से उनका दम घुट गया और उनकी मौत हो गई।