ओडिशा में फिर से पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर को पिटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि काम की तलाश में ओडिशा गए मुर्शिदाबाद जिले के एक प्रवासी मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक में भीड़ ने पीटा। घटना ओडिशा के सम्बलपुर की बतायी जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार पिटाई की वजह प्रवासी मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसका हाथ भी टूट गया है। घायल मजदूर का नाम एजाज अली (27) बताया जाता है। वह मुर्शिदाबाद से शमशेरगंज थाना इलाके के धुलियान नगरनिगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 9 में स्थित गाजीनगर का रहने वाला बताया जाता है।
परिवार का आरोप
परिवार और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एजाज करीब दो महीने पहले रोजी-रोटी की तलाश में सम्बलपुर गया था। वहां वह बांग्ला भाषा में ही बात करने वाले दूसरे मजदूरों के साथ निर्माण के काम में लग गया था। आरोप है कि 24 दिसंबर की रात को कुछ लोग अचानक उसके घर में घुस आए।
उन्होंने बांग्लादेशी होने के संदेह में उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। लाठी-डंडों से मारकर एजाज का एक हाथ तोड़ दिया गया। आरोप है कि भीड़ ने उसके साथ आए कुछ और प्रवासी मजदूरों को भी पीटा। घटना के बाद एजाज किसी प्रकार से 26 दिसंबर को अपने घर लौटा।
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एजाज के परिवार का दावा है कि घटना के बाद उसके साथी उसे ओडिशा के एक स्थानीय अस्पताल में ले गए जहां उसके हाथ पर प्लास्टर चढ़ाया गया। घायल मजदूर की मां फिरदौसी बीबी ने कहा, " नियमित रूप से दवाएं खरीदने में बहुत रुपए खर्च हो रहे हैं। मुझे नहीं पता कि मेरा बेटा कब ठीक होगा। घर पर बहू और पोते-पोतियां भी हैं। उनकी पढ़ाई का खर्च है। मुझे नहीं पता कि सब कुछ कैसे मैनेज करूं।" उनका आरोप है कि आर्थिक तंगी के बारे में मेयर और पार्षद को भी बताया लेकिन किसी ने मदद के लिए पूछा तक नहीं।
एजाज के रिश्तेदार कौसर शेख का आरोप है कि हमें अब तक स्थानीय लोगों या नेताओं से कोई मदद नहीं मिली है। परिवार को घर खर्च में से एजाज के इलाज का खर्च निकालने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। वह काम नहीं कर पा रहा है इसलिए उनकी आय पूरी तरह से ठप्प पड़ गयी है।
आरोप है कि किसी भी स्थानीय नेता या प्रशासन के अधिकारी ने अभी तक हालचाल नहीं पूछा है। इस बारे में धुलियान के मेयर मोहम्मद इंजामुल इस्लाम ने कहा कि उस वार्ड के पार्षद अपना इलाज करवाने के लिए बाहर गए हुए थे। इस वजह से वह नहीं जा सके। वह आ गए हैं। मैं मंगलवार को उनको साथ लेकर मजदूर के घर जाऊंगा।