पटनाः बिहार कर्मचारी चयन आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष आलोक राज का महज एक सप्ताह के भीतर इस्तीफा देना राज्य की भर्ती प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े करता है। 31 दिसंबर 2025 को नियुक्त किए गए आलोक राज ने “व्यक्तिगत और अपरिहार्य कारणों” का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया है, हालांकि उन्होंने इसके पीछे की वजहों का खुलासा नहीं किया।
आलोक राज 1989 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं और इससे पहले बिहार के पुलिस महानिदेशक तथा बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। ऐसे अनुभवी अधिकारी का इतने कम समय में पद छोड़ना यह संकेत देता है कि आयोग जैसे संवेदनशील संस्थान में आंतरिक दबाव, प्रशासनिक चुनौतियां या व्यक्तिगत मजबूरियां भूमिका निभा सकती हैं।
विश्लेषण के तौर पर देखें तो बिहार कर्मचारी चयन आयोग पहले से ही परीक्षाओं में देरी, विवाद और पारदर्शिता को लेकर आलोचनाओं के घेरे में रहा है। ऐसे समय में अध्यक्ष का अचानक इस्तीफा भर्ती प्रक्रिया की स्थिरता और विश्वास पर असर डाल सकता है। अब सरकार के सामने चुनौती होगी कि वह जल्द नया नेतृत्व नियुक्त कर आयोग के कामकाज में निरंतरता और भरोसा बनाए रखे।