बांग्ला भाषा में बात करने के अपराध में बीरभूम की गर्भवती युवती सोनाली बीबी को सीमापार बांग्लादेश में भेज दिया गया था। लंबे समय तक तनाव और मामला-मुकद्दमा होने के बाद आखिरकार वह अपने देश तो लौट सकीं हैं लेकिन उनका पति, दो बच्चे और पड़ोसी स्वीटी बीबी अभी भी बांग्लादेश की जेल में ही हैं।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी बीरभूम में गर्भवती सोनाली बीबी से मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने बार-बार कहा है कि सोनाली भारतीय नागरिक हैं और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से बांग्लादेश भेजा गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभिषेक बनर्जी के बीरभूम दौरे को लेकर शुक्रवार को हुई बैठक में सोनाली बीबी से उनकी मुलाकात के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
जिला तृणमूल के अध्यक्ष और राज्य विधानसभा के डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी ने बताया कि 6 जनवरी को रामपुरहाट के विनोदपुर से सटे मैदान में सभा को संबोधित करने के बाद अभिषेक बनर्जी सोनाली से मिलने रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल जा सकते हैं।
गौरतलब है कि उसी दिन सोनाली बीबी की डिलीवरी भी होने वाली है। नौ महीने की गर्भवती सोनाली बीबी अभी पाइकर गांव में अपने घर पर हैं। सोनाली के पारिवारिक सूत्रों से पता चला है कि बांग्लादेश से लौटने के बाद रामपुरहाट अस्पताल में सभी टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जनवरी के पहले हफ्ते में एडमिट होने की सलाह दी थी। उन्हें 5 जनवरी को अस्पताल में एडमिट किया जा सकता है। अभिषेक बनर्जी की सभा भी अस्पताल के पास ही होने वाली है। आशीष बनर्जी ने बताया कि उसी हिसाब से रूट चार्ट तैयार किया गया है।
शुक्रवार को सोनाली बीबी ने कहा, "डॉक्टर ने 6 तारीख (जनवरी) को डिलीवरी की तारीख तय की है। अगर अभिषेक बनर्जी मुझसे मिलने आते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी। उनकी और ममता बनर्जी की वजह से ही मैं घर लौट पाई। मुझे कोर्ट पर भरोसा है। मेरे पति और स्वीटी जरूर रिहा होंगे। मैं उनका इंतजार कर रही हूं।"
हालांकि वह थोड़ी मायूस भी हैं क्योंकि बच्चे के पिता डिलीवरी के समय मौजूद नहीं रह पाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी 6 जनवरी को तारापीठ मंदिर में दर्शन व पूजा करने जाएंगे। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष तारामय मुखर्जी ने बताया कि 6 जनवरी को दोपहर 12 बजे अभिषेक बनर्जी तारा मां के पास पूजा करने आएंगे।
गौरतलब है कि गत जून में दिल्ली पुलिस पर आरोप लगा था कि उसने दिल्ली में काम करने वाली बीरभूम की रहने वाली गर्भवती सोनाली और स्वीटी बीबी समेत 6 लोगों को बांग्लादेशी होने के शक में जबरन देश निकाला दे दिया था।
बांग्लादेश में जाने के बाद 20 अगस्त को वहां की चपई नवाबगंज पुलिस ने उन्हें घुसपैठिया बताकर गिरफ्तार कर लिया। तब से वे चपई नवाबगंज जेल में बंद थे। बाद में बांग्लादेश की कोर्ट ने सोनाली बीबी को जमानत दे दी। सोनाली बीबी और उनके बेटे को कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वापस देश में लाया गया लेकिन बाकी चार लोग अभी भी बांग्लादेश में हैं। उनकी रिहाई पर 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।