तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बीरभूम में सभा मंच से चुनाव आयोग पर निशाना साधा। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को भी नोटिस भेजा गया है। साथ ही उन्होंने एक्टर देव और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को नोटिस भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया। अभिषेक ने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन या SIR के जरिए बंगाल के बंगालियों को निशाना बनाया जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि किस्मत इतनी खराब है कि अमर्त्य सेन को नोटिस भेज दिया। जिसने नोबेल पुरस्कार जीता, दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया। कल मैंने देखा कि देव को सुनवाई का नोटिस भेजा गया। देश के लिए क्रिकेट विश्व कप जीतने वाले मोहम्मद शमी को भी नोटिस भेजा गया। असल में नोटिस भेजना अनमैप करने की साजिश है। अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगे चलकर बंगाल की जनता भाजपा को अनमैप करने की मांग करेगी।
अपने भाषण में अभिषेक बनर्जी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भाजपा का 'बंगाली विरोधी' रवैया बार-बार बंगाली अस्मिता को खत्म करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री आकर कहते हैं कि रवींद्रनाथ टैगोर का नाम रवींद्रनाथ सान्याल है। यह भाजपा स्वामी विवेकानंद को एक अज्ञानी वामपंथी प्रोडक्ट कहती है। क्या बंगाल के लोग, बीरभूम के लोग उन्हें जवाब नहीं देंगे? यह धरती वीरों की धरती है। अपना प्रचार करने के चक्कर में शांतिनिकेतन में लगी पट्टिका से रवींद्रनाथ टैगोर का नाम भी हटा दिया। क्या हम ये दिन भूल गए हैं?
अभिषेक बनर्जी ने बीरभूम की बेटी सोनाली बीबी को जबरदस्ती बांग्लादेश भेजने पर आड़े हाथों लिया। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को बंगाल से निकालने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोग नहीं छोड़ेंगे।'
अमर्त्य सेन को सुनवाई के लिए बुलाने के बारे में विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया, 'शायद नाम में कोई स्पेलिंग की गलती है।'
हालांकि प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमर्त्य सेन को 'लॉजिकल गड़बड़ियों' के कारण सुनवाई में बुलाया गया है। दावा किया जा रहा है उनकी और उनकी मां की उम्र में बहुत अंतर है। हालांकि इस बारे में ‘एई समय ऑनलाइन’ की ओर से बोलपुर के SDO अनिमेषकांति मन्ना से बात करने की कोशिश की गयी तो उन्होंने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।