मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुक्रवार को उस समय तीखी हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुले मंच से विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए। आम तौर पर शुभेंदु का नाम सीधे लेने से बचने वाली तृणमूल सुप्रीमो ने इस बार संयम तोड़ते हुए आरोपों की झड़ी लगा दी। इसके जवाब में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाने की चेतावनी दी है।
अपने भाषण में ममता बनर्जी ने कहा कि वह अब तक राजनीतिक मर्यादा का पालन करते हुए कई जानकारियों को सार्वजनिक नहीं कर रही थीं, लेकिन अगर ‘लक्ष्मण रेखा’ पार की गई तो वह सब कुछ सामने ला सकती हैं। इसके बाद उन्होंने सीधे शुभेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि “जगन्नाथ के जरिए पैसा शुभेंदु अधिकारी तक जाता है और शुभेंदु अधिकारी के जरिए वह अमित शाह तक पहुंचता है।” ममता ने यह भी कहा कि विपक्ष की किस्मत अच्छी है कि वह अभी कुर्सी पर हैं, इसलिए कथित पेन ड्राइव सार्वजनिक नहीं कर रही हैं।
मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने ‘गद्दार’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए शुभेंदु पर कटाक्ष किया और कहा कि जिन दलालों को उनकी सरकार ने जेल से छुड़वाया, अस्पताल में इलाज कराया, वही लोग अब उनके खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि “गद्दारों की वह टीम नीदरलैंड्स के हेग में क्या कर रही थी?” हालांकि इन आरोपों से जुड़े तथ्यों पर उन्होंने कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया।
मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को “एकदम झूठी” बताया। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से मुख्यमंत्री उनके खिलाफ लगातार झूठे आरोप लगा रही हैं, लेकिन आज तक एक भी आरोप साबित नहीं कर पाई हैं। शुभेंदु ने कहा कि इस बार उन्होंने इस बयान को गंभीरता से लिया है और अपने वकील के जरिए कानूनी नोटिस भेजने जा रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। उन्होंने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी बिपिन अधिकारी के परिवार से हैं, जिन्होंने अंग्रेजों को खदेड़ा था। शुभेंदु ने यह भी दावा किया कि उन्होंने नंदीग्राम की जनता के साथ मिलकर सीपीएम को सत्ता से हटाया और अब वही जनता उन्हें मुख्यमंत्री के खिलाफ भी मजबूती देगी।
ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच यह खुला टकराव ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य की राजनीति पहले से ही तीखे आरोप-प्रत्यारोप और सियासी ध्रुवीकरण के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा नाम लेकर लगाए गए आरोप और विपक्ष के नेता की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी ने आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति के और गर्म होने के संकेत दे दिए हैं।