नयी दिल्लीः जर्मनी के फेडरल चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12-13 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत का पहला आधिकारिक दौरा करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच 25 वर्षों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 12 जनवरी को सुबह 9:30 बजे दोनों नेता साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे और 10 बजे साबरमती रिवरफ्रंट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव में हिस्सा लेंगे। इसके बाद महात्मा मंदिर, गांधीनगर में 11:15 बजे से द्विपक्षीय बैठक होगी। इस बैठक में व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास, रक्षा, विज्ञान, नवाचार और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी।
विश्लेषकों का कहना है कि यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं है। भारत और जर्मनी दोनों ही देशों की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं और तकनीकी क्षमताओं को देखते हुए, यह बैठक बहुआयामी सहयोग के लिए रणनीतिक मंच तैयार कर सकती है। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, हरित ऊर्जा और नवाचार के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
इस दौरे के दौरान दोनों देशों के उद्योग और व्यापारिक नेताओं के साथ भी संवाद होगा, जिससे आर्थिक साझेदारी और निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। यह दौरा भारत-जर्मनी द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने के साथ ही 27 जनवरी को होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के लिए भी दिशा संकेत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत-जर्मनी संबंध राजनीतिक, आर्थिक और वैश्विक रणनीतिक स्तर पर और गहराएंगे, और यह सहयोग दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप में तकनीकी, व्यावसायिक और सतत विकास के क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।