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सीएम योगी ने कहा- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से यूपी बनेगा विकास का इंजन

अशोक लेलैंड का EV प्लांट: उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक पहचान और हरित भविष्य की नींव

By श्वेता सिंह

Jan 09, 2026 22:05 IST

लखनऊः लखनऊ में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण संयंत्र का उद्घाटन केवल एक औद्योगिक परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक और औद्योगिक दिशा का संकेत भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर इसे राज्य में बढ़ते निवेशक भरोसे और औद्योगिक स्थिरता का प्रतीक बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह परियोजना केंद्र और राज्य की साझा औद्योगिक सोच का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, संयंत्र की शुरुआती उत्पादन क्षमता 2,500 इलेक्ट्रिक वाहनों की है। इसे आने वाले वर्षों में 5,000 इकाइयों तक बढ़ाया जाएगा। यह विस्तार संकेत देता है कि सरकार और उद्योग, दोनों ही इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को दीर्घकालिक निवेश के रूप में देख रहे हैं। वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की बढ़ती चिंता के बीच, यह परियोजना उत्तर प्रदेश को हरित परिवहन की दिशा में अग्रणी बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि यह संयंत्र हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा। इसके साथ ही हिंदुजा समूह द्वारा उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि 2017 के बाद राज्य की कारोबारी छवि में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री के शब्दों में, उत्तर प्रदेश अब अव्यवस्था से नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली शासन व्यवस्था से पहचाना जा रहा है।

इस परियोजना को राज्य के व्यापक बुनियादी ढांचे के विकास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे, मेट्रो, विशाल रेल नेटवर्क, माल ढुलाई कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब जैसे ढांचे ने उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक बनाया है। पिछले आठ-नौ वर्षों में मिले 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और उनमें से कई का जमीन पर उतरना इसी बदलते माहौल का संकेत है।

इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका भी इस कहानी का अहम हिस्सा है। वर्ष 2024 में देश के कुल ईवी बाजार में राज्य की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत रही और फेम योजनाओं के तहत सैकड़ों इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतर चुकी हैं। नए संयंत्र में बनने वाली 17-18 सीटर इलेक्ट्रिक बसें स्कूल परिवहन और शहरों के बीच संपर्क को सस्ता और पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद करेंगी।

मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसे प्लेटफॉर्म का जिक्र करते हुए कहा कि ये व्यवस्थाएं निवेशकों को तेज मंजूरी और निरंतर सहयोग उपलब्ध करा रही हैं। इसके साथ ही हिंदुजा समूह द्वारा हर साल 10,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की घोषणा यह संकेत देती है कि सरकार केवल उद्योग नहीं, बल्कि भविष्य की कार्यशक्ति भी तैयार कर रही है।

कुल मिलाकर, अशोक लेलैंड का ईवी प्लांट उत्तर प्रदेश की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। यह परियोजना राज्य को भरोसे, तकनीक और हरित विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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