लखनऊ: सरकारी नौकरी पाने के लिए अपनी पहचान और नागरिकता छिपाने का आरोप एक महिला पर लगा है। यह घटना उत्तर प्रदेश के रामपुर की है। आरोप है कि वह महिला पाकिस्तान की नागरिक है लेकिन इस तथ्य को छिपाकर वह लंबे समय से शिक्षक के रूप में काम कर रही थी। नौकरी हासिल करने के लिए उसने अपनी नागरिकता छिपाकर फर्जी दस्तावेज जमा किए। अब इस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
शिकायत मिलने के बाद स्थानीय प्राथमिक शिक्षा विभाग ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि माहिरा अख्तर उर्फ फर्ज़ाना नाम की महिला फर्जी पहचान के सहारे स्कूल में शिक्षक के रूप में काम कर रही थी। उस पर नागरिकता छिपाने और जाली दस्तावेज देने का आरोप भी लगा। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि माहिरा पाकिस्तान की नागरिक है और फर्जी दस्तावेजों के सहारे करीब 40 वर्षों से भारत में रह रही थी। इसके बाद आज़िमनगर थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि महिला कुम्हारिया गांव के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत थी। उन्होंने कहा कि महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पाकिस्तानी नागरिक होने के बावजूद उसने फर्जी निवास प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 1979 में माहिरा की शादी पाकिस्तान के एक व्यक्ति से हुई थी, जिसके बाद उसने पाकिस्तानी नागरिकता ले ली। कुछ वर्षों बाद उसका तलाक हो गया और वह भारत लौट आई। 1985 में उसने रामपुर के एक स्थानीय व्यक्ति से शादी की। आरोप है कि इसके बाद उसने फर्जी दस्तावेज बनवाकर खुद को भारतीय नागरिक बताकर शिक्षक की नौकरी शुरू कर दी।
जैसे ही शिक्षा विभाग को उसके पाकिस्तानी नागरिक होने की जानकारी मिली, पहले उसे निलंबित किया गया और बाद में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल महिला को गिरफ्तार नहीं किया गया है लेकिन उसके सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। उसके पति से भी पूछताछ की जा रही है।