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पुरानी FIR पर शुरू हुआ नया विवाद : प्रतीक जैन के घर ED की कार्रवाई पर तृणमूल का सवाल

तृणमूल के राज्य प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती का सवाल है कि फिर प्रतीक जैन के घर ही तलाशी क्यों हुई?

By Moumita Bhattacharya

Jan 09, 2026 19:06 IST

I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर ED की तलाशी को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने नए आरोप लगाए। तृणमूल का कहना है कि जिस FIR के आधार पर यह तलाशी हुई वही FIR सवालों के घेरे में है।

तृणमूल के राज्य प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि यह FIR नवंबर 2020 में दर्ज की गई थी। उनका सवाल है कि इतने पुराने मामले के आधार पर अब प्रतीक जैन के घर तलाशी क्यों ली गई?

उन्होंने बताया कि यह FIR कोयला तस्करी मामले से जुड़ी हुई है और इसमें अनुप माझी उर्फ लाला से संपर्क का आरोप था। उस समय I-PAC के प्रमुख प्रशांत किशोर थे। ऐसे में अरूप चक्रवर्ती का सवाल है कि फिर प्रतीक जैन के घर ही तलाशी क्यों हुई?

अरूप चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी ने बिहार में विपक्ष के वोट काटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाया। इसलिए उनके खिलाफ ED की कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अब प्रतीक जैन और उनकी टीम तृणमूल के लिए चुनावी रणनीतियां बना रही है। इसी वजह से तृणमूल के उम्मीदवारों की सूची और अंदरूनी जानकारियां चुराने के लिए ED ने उनके ऑफिस और घर पर छापा मारा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि ED की तलाशी अभियान का मकसद तृणमूल की जानकारी चुराना है। जिस समय ED की कार्रवाई चल रही थी तब वह खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं। वहां से उन्हें एक हरे रंग की फाइल और लैपटॉप लेकर निकलते देखा गया। वह I-PAC के सॉल्टलेक ऑफिस भी गईं, जहां उनके सुरक्षाकर्मियों को कई फाइलें गाड़ी में रखते हुए देखा गया।

ED की इस कार्रवाई के विरोध में तृणमूल ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है। शुक्रवार को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया गया। इससे पहले गुरुवार से ही अलग-अलग ब्लॉक में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया।

वहीं तृणमूल के आरोपों पर भाजपा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रवक्ता विमल शंकर नंद ने कहा कि जांच के दायरे में किसे लाया जाएगा, यह ED तय करेगी। उन्होंने कहा कि प्रतीक जैन क्या तृणमूल के नेता हैं और क्या उन्हें कोई आधिकारिक जिम्मेदारी दी गई है। सिर्फ इसलिए कि प्रशांत किशोर के घर तलाशी नहीं हुई इसका मतलब यह नहीं कि प्रतीक जैन के घर तलाशी नहीं हो सकती। भाजपा का कहना है कि जांच में जो भी दोषी हों उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

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