नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी में हर घर तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर जल मिशन की रूपरेखा तैयार की है। जल मंत्री पर्वेश वर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि अगले दो-तीन वर्षों में लगभग 7,000 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
मंत्री ने कहा कि पिछले 11 महीनों में दिल्ली सरकार ने 7,212 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की हैं। इनमें जल और सीवर क्षेत्र की 94 नई परियोजनाएं शामिल हैं। वर्मा ने बताया कि दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर हर घर तक पेयजल पहुंचाने पर काम कर रही है। हालांकि वर्तमान समस्याएं पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की वजह से हैं।
राजधानी में पेयजल उत्पादन बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और हरियाणा से कच्चा पानी लेने की कोशिश कर रही है। इसके बदले में उन्हें सिंचाई के लिए उपचारित (ट्रीटेड) पानी दिया जाएगा। इस व्यवस्था से दिल्ली की कुल जल आपूर्ति में 100 एमजीडी से अधिक पानी जुड़ सकता है।
जल मंत्री ने कहा कि टूटी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, मानक नहर के जरिए होने वाले 40 प्रतिशत पानी के नुकसान को अगले दो वर्षों में 5 प्रतिशत तक लाने की योजना है। इससे राजधानी के हर घर को 24x7 पानी आपूर्ति का वादा पूरा करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार हिमाचल प्रदेश के साथ जल साझेदारी परियोजना को भी पुनर्जीवित कर रही है। इसका उद्देश्य राजधानी में पानी की उपलब्धता को और बढ़ाना है। जल मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन प्रयासों से दिल्ली के नागरिकों को जल्द ही सुरक्षित, पर्याप्त और नियमित जल आपूर्ति मिल सकेगी।