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ट्रंप-पुतिन टकराव की कीमत चुकाते तीन भारतीय, कैसे मिलेगी आजादी?

रूस-अमेरिका तनाव के बीच भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती, भारतीय क्रू हिरासत में।

By अमर्त्य लाहिड़ी, Posted by: श्वेता सिंह

Jan 08, 2026 23:33 IST

नयी दिल्लीः अमेरिका और रूस के बीच जारी भू-राजनीतिक तनातनी का खामियाजा तीन भारतीय नाविकों को भुगतना पड़ रहा है। बुधवार को उत्तरी अटलांटिक महासागर में एक नाटकीय सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी सेना ने रूसी झंडा लगे तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ को जब्त कर लिया। आरोप है कि यह जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए वेनेजुएला से तेल की ढुलाई कर रहा था।

रूस के सरकारी समाचार माध्यम ‘आरटी’ के अनुसार, इस टैंकर के क्रू में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। कुल 28 क्रू सदस्यों में सबसे अधिक 17 यूक्रेन के नागरिक थे। इसके अलावा छह जॉर्जिया के, तीन भारत के और दो रूस के नागरिक बताए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टैंकर पहले कैरेबियाई देश गयाना के झंडे के तहत पंजीकृत था और इसे एक निजी कारोबारी ने किराये पर लिया था।

फिलहाल यह जहाज अमेरिकी हिरासत में है। हालांकि, जब्ती के बाद इसे अमेरिका ले जाया गया है या किसी अन्य स्थान पर, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पेंटागन का आरोप है कि यह टैंकर वेनेजुएला से तेल आपूर्ति पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को तोड़ते हुए तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा बनकर काम कर रहा था। अमेरिकी युद्धपोतों और हेलिकॉप्टरों से कमांडो उतारकर जहाज पर कब्जा किया गया।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहाज पर मौजूद तीन भारतीय नाविकों का भविष्य क्या होगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने साफ कहा है कि फिलहाल नाविकों को रिहा नहीं किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें अमेरिका ले जाकर अदालत में पेश किया जाएगा और वहीं मुकदमा चलेगा।

इस मामले में अब तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि माना जा रहा है कि साउथ ब्लॉक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। यह भी अटकलें हैं कि भारतीय दूतावास अमेरिका और रूस, दोनों से संपर्क कर भारतीय नाविकों को कानूनी सहायता दिलाने की कोशिश कर सकता है।

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