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ममता बनर्जी I-PAC प्रमुख के घर और ऑफिस से कई फाइल्स लेकर निकली, क्या हैं उनमें? लगाए कौन से आरोप?

प्रतीक जैन के घर से निकलकर मुख्यमंत्री सीधा I-PAC के सॉल्टलेक सेक्टर 5 स्थित ऑफिस पहुंच गयीं।

By Moumita Bhattacharya

Jan 08, 2026 14:36 IST

गुरुवार को एन्फोर्समेंट डिरेक्टोरेट (ED) की विशेष टीम ने राजनैतिक सलाहकार कंपनी I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की। जिस समय ED के अधिकारी I-PAC प्रमुख के घर और ऑफिस पर छापेमारी कर रही थी उसी समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंची।

उनसे थोड़ी देर पहले ही कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा मौके पर पहुंचे। अपनी गाड़ी से उतरकर दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री सीधा प्रतीक जैन के घर के अंदर चली गयीं। लगभग 15 मिनट बाद जब वह प्रतीक जैन के घर से बाहर निकली तो उनके हाथों में हरे रंग की एक फाइल और एक लैपटॉप था।

प्रतीक जैन के घर से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संवाददाताओं के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह और ED के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने तृणमूल के गोपनीय तथ्यों को गायब करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

प्रतीक जैन के घर से निकलकर मुख्यमंत्री सीधा I-PAC के सॉल्टलेक सेक्टर 5 स्थित ऑफिस पहुंच गयीं। मिली जानकारी के अनुसार दोपहर में 1 बजे से थोड़ी देर पहले ही मुख्यमंत्री सॉल्टलेक सेक्टर 5 की एक बहुमंजिला इमारत के 11वीं मंजिल पर स्थित I-PAC के ऑफिस में पहुंची।

I-PAC के ऑफिस पहुंची ममता बनर्जी

पार्किंग लॉट से सीधा लिफ्ट लेकर वह 11वीं मंजिल पर I-PAC के ऑफिस में पहुंच गयी। इस दौरान ममता बनर्जी के साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। कुछ देर बाद जब मुख्यमंत्री अपने एक सुरक्षाकर्मी के साथ I-PAC के ऑफिस से बाहर निकली तो उनके हाथों में कई फाइल्स मौजूद थे।

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उन्होंने उन फाइल्स को सफेद रंग की एक SUV (गाड़ी का नंबर WB 06Y 5555) की डिकी में रख दिया। मुख्यमंत्री के साथ वहां पहुंचे उनके सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उस गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। इसके तुरंत बाद ही सॉल्टलेक की उस बहुमंजिला इमारत में बड़ी संख्या में राज्य पुलिस और रैफ (RAF) पहुंच गयी। राज्य पुलिस ने पूरे इलाके को रस्सियों से घेर दिया।

संभावना जतायी जा रही हैं कि मुख्यमंत्री जो फाइल्स लेकर वहां से निकली हैं उनमें विधानसभा चुनाव से संबंधित पार्टी की रणनीति और उम्मीदवारों से जुड़ी जानकारियां हो सकती हैं। हालांकि इस बात की आधिकारिक तौर पर कहीं भी पुष्टि नहीं की गयी है।

मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के सॉल्टलेक स्थित I-PAC के ऑफिस में पहुंचने से पहले ही वहां विधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती पहुंच गयी। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वहां पहुंचने के कुछ देर बाद ही दमकल मंत्री सुजित बोस भी वहां पहुंच गए। इसके अलावा वहां डीजी राजीव कुमार भी पहुंच गए हैं।

मुख्यमंत्री का आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि प्रतीक जैन के पास मौजूद तृणमूल से जुड़े दस्तावेजों को हथियाने के लिए ही ED का तलाशी अभियान चलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनावों के लिए बनाए गए योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों, उम्मीदवारों की सूची और व अन्य कागजातों को गायब करने के लिए ही ED ने तलाशी अभियान चलाया है। उन्होंने इस पूरे मामले के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है।

मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा, "क्या यह गृहमंत्री का काम है? अमित शाह एक Nasty गृहमंत्री हैं, Naughty गृहमंत्री है।" उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि अगर हमलोग भाजपा के ऑफिस में तलाशी अभियान चलाते हैं, तब क्या होगा? मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं शिष्टाचार दिखाऊंगी लेकिन वह मेरी कमजोरी नहीं है।"

शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों को सुनने के बाद विरोधी नेता शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "ED ही कह सकेगी कि क्यों तलाशी अभियान चला रही है। किसी भी केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच को लेकर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।" शुभेंदु ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी केंद्रीय संस्था के कामों में हस्तक्षेप किया था। साल 2021 में जब सारदा मामले में राजीव कुमार के घर पर तलाशी अभियान चलाया गया था तब सीपी को साथ लेकर धरना दिया था।

मुख्यमंत्री का इस तरह का काम संवैधानिक कार्यों के बीच हस्तक्षेप है। वह जांच में बाधा डाल रही हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं। उन्होंने सवाल किया, 'I-PAC के पास उम्मीदवारों की सूची क्यों रहेगी? ED अगर छापेमारी कर रही है तो इसका मतलब गिरफ्तारी ही तो नहीं है। अगर I-PAC के पास सभी दस्तावेज ठीक होते हैं तो उन्हें दिखा देने से ही तो सारी परेशानी खत्म हो जाएगी।'

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