सेंसर से जुड़ी जटिलताओं के कारण थलपति विजय की आख़िरी फ़िल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज़ अटकी हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मद्रास हाईकोर्ट तक पहुँच गया। शुक्रवार को इस मामले में अदालत ने अपना फ़ैसला सुनाया। न्यायमूर्ति पी.टी. आशा ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) को निर्देश दिया कि फ़िल्म को ‘यू/ए 16+’ सर्टिफ़िकेट देकर रिलीज़ की अनुमति दी जाए। इसका अर्थ है कि 16 वर्ष से कम आयु के दर्शक यह फ़िल्म माता-पिता या अभिभावक की सलाह या निगरानी में देख सकेंगे।
विजय ने अभिनय को अलविदा कहकर पूरी तरह राजनीति में कदम रख लिया है। वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (TVK) की स्थापना की। बहुत कम समय में ही विजय की पार्टी ने दक्षिण भारतीय राजनीति में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। विजय की अभिनय में आख़िरी फ़िल्म ‘जन नायकन’ को लेकर उनके प्रशंसकों में काफ़ी उत्साह था। फ़िल्म 9 जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी लेकिन सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र न मिलने के कारण समस्या खड़ी हो गई।
निर्माताओं का आरोप था कि फ़िल्म एक महीने पहले सेंसर बोर्ड को सौंपने के बावजूद उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिला। अंततः 19 दिसंबर को बोर्ड ने कुछ दृश्यों को काटने और संवादों को म्यूट करने की सलाह दी। लेकिन यह फ़ैसला निर्माता कंपनी को मंज़ूर नहीं था और उन्होंने इसके ख़िलाफ़ अदालत का रुख़ किया।
मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी फ़िल्म की सटीक रिलीज़ तारीख़ अभी स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार तमिलनाडु के प्रमुख त्योहार पोंगल के दौरान यानी 14 जनवरी को फ़िल्म रिलीज़ हो सकती है।
फ़िल्म की रिलीज़ में देरी को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था। विजय के कुछ समर्थकों ने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक कारणों से उनकी फ़िल्म को रिलीज़ में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इस विषय पर विजय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि रिलीज़ टलने के कारण निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।