🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

कॉकरोच जनता पार्टी के X अकाउंट बैन पर सियासी घमासान, शशि थरूर ने जताई कड़ी आपत्ति

X हैंडल बैन को शशि थरूर ने बताया “भयावह और अविवेकपूर्ण”। युवाओं की नाराजगी और वैकल्पिक मंचों की तलाश पर टिप्पणी।

By श्वेता सिंह

May 22, 2026 15:02 IST

नयी दिल्लीः ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को भारत में ब्लॉक किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया दोनों जगह बहस तेज हो गई है। इस कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “भयावह और अविवेकपूर्ण फैसला” करार दिया है।

शशि थरूर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों के पास अपनी बात रखने, व्यंग्य करने और असहमति जताने का पूरा अधिकार होना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी प्लेटफॉर्म को केवल लोकप्रियता या विचारों के कारण बंद करना सही नहीं है।

युवाओं की नाराजगी पर टिप्पणी

शशि थरूर ने यह भी कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियों में युवाओं के बीच निराशा बढ़ रही है और वे अपनी बात रखने के लिए वैकल्पिक डिजिटल मंचों की ओर जा रहे हैं। उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के उभरने को इसी सामाजिक असंतोष से जोड़कर देखा।

Read also | 'कॉकरोच जनता पार्टी' का पहला अकाउंट भारत में हुआ बंद तो दूसरा खोला और कहा 'Cockroach is Back'

उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह की डिजिटल गतिविधियों को नजरअंदाज करने के बजाय समझने की जरूरत है, क्योंकि यह एक बड़े सामाजिक संकेत की तरह भी देखा जा सकता है।

फिर से सक्रिय हुआ समूह

X हैंडल पर प्रतिबंध के बाद भी यह समूह पूरी तरह निष्क्रिय नहीं हुआ है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने नया अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। वहीं इंस्टाग्राम पर उनका पेज पहले की तरह सक्रिय है और वहां फॉलोअर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है।

राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक इस डिजिटल मूवमेंट को लेकर चर्चा तेज है। कई लोग इसे व्यंग्यात्मक आंदोलन मान रहे हैं, तो कुछ इसे युवाओं की नाराजगी की अभिव्यक्ति बता रहे हैं।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई ?

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट के एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं को लेकर एक टिप्पणी में ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।

इसके बाद सोशल मीडिया पर इसका तीखा विरोध हुआ और वहीं से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का ऑनलाइन उभार शुरू हुआ। बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से समझा गया है।

हालांकि तब तक यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका था।

Articles you may like: