वॉशिंगटन डी.सी. : अमेरिका में इरान युद्ध को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति के युद्ध अधिकारों को सीमित करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा लाया गया एक प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स) में मतदान तक नहीं पहुंच सका, क्योंकि सत्ता पक्ष ने उस पर मतदान की प्रक्रिया ही रोक दी।
इससे पहले सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को झटका लगा था, जब उनकी ही पार्टी के कुछ सदस्यों ने इरान युद्ध जारी रखने के फैसले पर सवाल उठाए। मतदान में 50 वोट इसके खिलाफ और 47 वोट पक्ष में पड़े। तीन सदस्यों ने मतदान से दूरी बनाई, जबकि एक डेमोक्रेट सदस्य ने ट्रंप का समर्थन किया। गुरुवार को डेमोक्रेट्स की ओर से प्रतिनिधि सभा सदस्य ग्रेगरी मिक्स ने युद्ध शक्ति सीमित करने का प्रस्ताव पेश किया। लेकिन उसी समय सत्ता पक्ष रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे।
इसी स्थिति को देखते हुए ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन सदस्यों ने मतदान प्रक्रिया पर आपत्ति जताई और अंततः मतदान को स्थगित कर दिया गया।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने कहा कि रिपब्लिकन-नियंत्रित सदन ट्रंप प्रशासन के “सहयोगी संस्थान” की तरह काम कर रहा है। डेमोक्रेट्स का आरोप है कि रिपब्लिकन पार्टी ने जानबूझकर मतदान रोका, क्योंकि वे जानते थे कि उनके पास इस समय बहुमत नहीं है। पार्टी ने इसे “राजनीतिक खेल” और “कायरतापूर्ण कदम” बताया।
डेमोक्रेट नेता ग्रेगरी मिक्स ने कहा कि यदि मतदान होता, तो यह प्रस्ताव दोनों दलों के समर्थन से पारित हो सकता था और राष्ट्रपति को पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए मजबूर कर सकता था।
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि इरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को संघर्ष शुरू हुआ था और 8 अप्रैल को दोनों देशों ने संघर्षविराम का निर्णय लिया था। प्रशासन का दावा है कि कानूनी रूप से राष्ट्रपति के पास अभी भी सैन्य कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय है और वे चाहें तो अभियान जारी रख सकते हैं।
अमेरिकी कानून के अनुसार राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के अधिकतम 60 दिनों तक सैन्य अभियान चला सकते हैं, जिसके बाद अनुमति जरूरी होती है।
हालांकि संविधान के अनुसार इरान युद्ध समाप्त कराने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है, जो वर्तमान राजनीतिक समीकरणों में लगभग असंभव माना जा रहा है। हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में रिपब्लिकन पार्टी के 217 सदस्य हैं, जबकि डेमोक्रेट्स के 212 सदस्य।
सीनेट में भी रिपब्लिकन पार्टी 53-45 के अंतर से आगे है। इसी कारण कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इरान युद्ध के खिलाफ प्रस्ताव का पारित होना फिलहाल बेहद कठिन है।