पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सुपर डॉ. अंजन अधिकारी को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें रायगंज सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया है। सोमवार की रात को राज्य स्वास्थ्य विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर यह जानकारी दी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दलालों के चक्कर में मरीजों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। हालांकि इस संबंध में राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
मुख्यमंत्री का पदभार संभालते ही राज्य के सरकारी अस्पतालों में 'रेफर' करने की प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा संदेश दिया था। इस बाबत गत 15 मई को उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों और कोलकाता के 12 मेडिकल कॉलेजों के सुपर व प्राचार्यों के साथ SSKM अस्पताल में बैठक की थी।
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इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि अगर एक भी बेड खाली है तो मरीज की शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसे भर्ती करना ही होगा। आरोप लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से मरीजों को 'रेफर' किया जा रहा था।
इसके बाद आज (25 मई) को स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की। मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के सुपरिटेंडेंट व वाइस प्रिंसिपल (MSVP) डॉ. अंजन अधिकारी को उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह मेडिकल के ही जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शांतनु सेन को नया MSVP नियुक्त किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निवर्तमान सुपरिटेंडेंट कम वाइस प्रिंसिपल (MSVP) डॉ. अंजन अधिकारी को रायगंज सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रोफेसर की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही कहा गया है कि यह नया निर्देश आज (25 मई) से ही लागू हो गया है।