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लंदन की फर्जी गर्लफ्रेंड ने कहा इंडिया घूमना है, युवक फ्रैंड से मिला भी नहीं और लगा 11 लाख का चूना

विदेशी महिला मित्र और खुद को दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारी बताने वाले शातिर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर कुल 10,82,500 रुपये हड़प लिये।

By लखन भारती

May 27, 2026 19:40 IST

किशनगढ़ में सोशल मीडिया पर अजनबी से दोस्ती और विदेशी दौरों के नाम पर होने वाले 'कस्टम ड्यूटी फ्रॉड' का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक स्थानीय निवासी को फेसबुक पर मिली विदेशी महिला मित्र और खुद को दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारी बताने वाले शातिर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर कुल 10,82,500 रुपये हड़प लिये। इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल ठगी के मामले में अब अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट किशनगढ़ ने एक बेहद महत्वपूर्ण और पीड़ित के पक्ष में बड़ा आदेश पारित किया है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर किशनगढ़ थाना पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करने और पीड़ित के होल्ड किए गए 1.56 लाख रुपये वापस दिलाने के आदेश जारी किए हैं।

शातिर फेसबुक फ्रैंड 'हेलेन जेम्स' ने रची साजिश

अधिवक्ता जटाशंकर तिवारी ने बताया कि न्यायालय में प्रेषित मामले के अनुसार, किशनगढ़ के खोड़ा गणेश रोड निवासी पीड़ित रमेश कुमार (बदला हुआ नाम) की कुछ समय पहले फेसबुक पर 'हेलेन जेम्स' नाम की एक महिला से दोस्ती हुई थी। कथित महिला मित्र ने रमेश को झांसा दिया कि वह भारत घूमना चाहती है और 3 अगस्त 2025 को भारत पहुंच रही है। इसके बाद रमेश के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (नई दिल्ली) का वरिष्ठ कस्टम अधिकारी बताया। उसने रमेश से कहा आपकी परिचित हेलेन जेम्स लंदन से आई हैं। उनके पास भारी मात्रा में कीमती सामान और करीब 1 लाख यूरो (विदेशी मुद्रा) है, जिसकी उन्होंने कस्टम ड्यूटी अदा नहीं की है। इस विदेशी मुद्रा को भारतीय करेंसी में बदलने और टैक्स चुकाने के लिए उनके पास भारतीय रुपए नहीं हैं। इसलिए यह टैक्स आपको भरना होगा, अन्यथा आपके खिलाफ भी बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बीमारी और जेल का डर दिखाकर ऐंठे 10.82 लाख रुपये

कस्टम अधिकारी और कानूनी कार्रवाई के नाम से डरे रमेश ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद ठगों ने नया पैंतरा खेला। उन्होंने रमेश से कहा कि हेलेन जेम्स को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, और आगे की बात उनकी कर्मचारी 'कोमल उर्फ सोनू सिंह' करेगी। शातिर कोमल ने रमेश को फोन कर नया ड्रामा रचा। उसने कहा कि हिरासत के दौरान हेलेन जेम्स की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रमेश को विश्वास दिलाने के लिए व्हाट्सएप पर ड्रिप चढ़ते हुए हाथ की फर्जी तस्वीरें भी भेजी गईं।

ठगों ने रमेश को धमकी दी कि यह लड़की विदेशी नागरिक है और तुमसे मिलने भारत आई है, इसलिए इसके इलाज के बिल का भुगतान तुम्हें ही करना होगा। अगर इसे कुछ भी हुआ, तो तुम्हें जेल भेज दिया जाएगा. जेल जाने और बदनामी के डर से पीड़ित रमेश लगातार अपने बैंक ऑफ बड़ौदा और एचडीएफसी बैंक खातों से ठगों द्वारा दिए गए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करता रहा। इस तरह शातिर गिरोह ने आपराधिक साजिश रचकर पीड़ित से कुल 10 लाख 82 हजार 500 रुपये ऐंठ लिए। बाद में जब रमेश को पता चला कि हेलेन जेम्स कभी भारत आई ही नहीं थी और उसका फेसबुक अकाउंट पूरी तरह फर्जी था, तब जाकर उसे ठगी का अहसास हुआ।

अधिवक्ताओं की दलील पर कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश

ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्ट पोर्टल (1930) पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर साइबर सेल ने त्वरित एक्शन लेते हुए ठगों के खातों में मौजूद 1,56,686 रुपये की राशि को तुरंत ब्लॉक करवा दिया था। हालांकि, किशनगढ़ थाने में इसकी एफआईआर दर्ज नहीं हो पा रही थी। इसके बाद पीड़ित ने धारा 497 और 503 बीएनएसएस (BNSS) के तहत अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय किशनगढ़ की शरण ली। न्यायालय में पीड़ित के अधिवक्ता जटाशंकर तिवारी एवं प्रदीप चौधरी ने पुरजोर दलीलें पेश करते हुए बताया कि कैसे देश और विदेश में बैठा यह अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह खुद को पुलिस और कस्टम अधिकारी बताकर आम नागरिकों को गुमराह कर रहा है।

अधिवक्ताओं की सटीक दलीलों और साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने इस अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने किशनगढ़ थाना पुलिस को तत्काल इस मामले में आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर गहन अनुसंधान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पीड़ित पक्ष को राहत देते हुए बैंक खातों में होल्ड करवाई गई 1.56 लाख रुपये की राशि को तुरंत पीड़ित को वापस रिफंड करने का एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।

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