चेन्नई : तमिलनाडु सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय शतरंज खिलाड़ी और ग्रैंडमास्टर आर. वैशाली को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुना ने चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आर. वैशाली को यह सहायता राशि का चेक सौंपा।
तमिलनाडु खेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह आर्थिक सहायता अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और तैयारी के लिए दी गई है।
आर. वैशाली भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा की छोटी बहन हैं। उन्होंने साइप्रस में आयोजित फिडे महिला कैंडिडेट्स 2026 टूर्नामेंट के अंतिम दौर में कैटरीना लाग्नो को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
24 वर्षीय भारतीय शतरंज खिलाड़ी अब महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप मुकाबले के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी हैं। इस साल होने वाले विश्व चैंपियनशिप मुकाबले में उनका सामना मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन से होगा।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री आधव अर्जुना ने कहा कि तमिलनाडु सरकार राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता दी जा रही है, ताकि वे बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकें।
आधव अर्जुना ने कहा, “तमिलनाडु के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने में मदद करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। खासतौर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चिन्हित कर उनकी खेल संबंधी जरूरतों और प्रतियोगिताओं के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।”
उन्होंने बताया कि चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम के तहत 20 वर्ष से कम आयु के राष्ट्रीय स्तर के स्वर्ण पदक विजेताओं को हर साल चार लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस सहायता का उपयोग खेल उपकरण खरीदने, खेल पोशाक, विदेश में प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए किया जाता है।
आधव अर्जुना ने कहा, “चैंपियंस डेवलपमेंट स्कीम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले 20 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को जरूरत के आधार पर हर साल चार लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इससे खिलाड़ियों को खेल पोशाक, उपकरण, विदेश में प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में मदद मिलती है।”
उन्होंने आगे बताया कि मिशन इंटरनेशनल मेडल स्कीम के तहत ऐसे खिलाड़ियों को हर साल 12 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता होती है।
आधव अर्जुना ने कहा कि मिशन इंटरनेशनल मेडल स्कीम के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को हर साल 12 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि खेल उपकरण, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के खर्चों को पूरा करने में मदद करती है।