कोलकाताः कोलकाता स्थित राजभवन में बुधवार सुबह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल आर.एन.रवि से अचानक मुलाकात की। शुरुआत में दोनों के बीच औपचारिक अभिवादन हुआ, जिसके बाद लगभग 30 मिनट तक बंद कमरे में विस्तृत चर्चा हुई। इस अप्रत्याशित मुलाकात को राजनीतिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और इसे संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी राजनीतिक गतिविधि
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी हाल ही में दिल्ली से लौटे हैं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अलग-अलग स्तर पर बैठकें की थीं।
दिल्ली यात्रा के तुरंत बाद राज्यपाल से यह मुलाकात होने के कारण इसे केंद्र और राज्य के बीच समन्वय तथा मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियों का संकेत माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर बढ़ी चर्चा
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बैठक आगामी मंत्रिमंडल विस्तार की अंतिम तैयारियों का हिस्सा हो सकती है। भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी पहले से बातचीत चल रही है।
हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने भी दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की थी, जिसमें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि विधायकों की एक प्रारंभिक सूची भी केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई है।
8 से 12 नए चेहरों की संभावना
सूत्रों का दावा है कि यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो जून के पहले सप्ताह में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। संभावित रूप से 8 से 12 नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की चर्चा है।
हालांकि इस पर अभी तक मुख्यमंत्री या राज्यपाल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मौजूदा मंत्रिमंडल और विभागीय ढांचा
9 मई 2026 को रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के अवसर पर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी।
मंत्रियों में दिलीप घोष (पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशु संसाधन), अग्निमित्रा पाल (महिला एवं बाल विकास, शहरी विकास), निशीथ प्रामाणिक (उत्तर बंगाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण), अशोक कीर्तनिया (खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता), खुदिराम टुडू (जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण) शामिल किये गये।
11 मई को विभागों का बंटवारा हुआ था।
मुख्यमंत्री के पास 42 विभाग, विस्तार की जरूरत
वर्तमान में मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के पास लगभग 42 विभागों की जिम्मेदारी है जिनमें गृह (पुलिस), वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं।
कुल 54 विभागों में से शेष विभाग सीमित संख्या में मंत्रियों के बीच बांटे गए हैं, जिससे प्रशासनिक संतुलन को लेकर चर्चा तेज है।
नए मंत्रिमंडल में संतुलन पर जोर
भाजपा सूत्रों के अनुसार, संभावित विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन (उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल), युवा चेहरों को प्राथमिकता, महिला प्रतिनिधित्व में बढ़ोतरी और मतुआ, जनजातीय, ओबीसी एवं राजबंशी समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज
2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस लगभग 80 सीटों पर सिमट गई।
नई सरकार केंद्र की योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत, सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय जनगणना के क्रियान्वयन को तेज करने की दिशा में काम कर रही है। अब नजरें संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और अगले सप्ताह होने वाली राजनीतिक घोषणाओं पर टिकी हैं।