दक्षिण कोलकाता के बांसद्रोणी इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा 3 के छात्र की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना में मंगलवार (26 मई) को परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मंगलवार की सुबह ही बड़ी संख्या में अभिभावक महर्षि विद्यामंदिर स्कूल के सामने जमा हुए और लापरवाही की वजह से ही छात्र की मौत का आरोप लगाते हुए विरोध जताने लगे।
मामले की जांच करने पहुंची पुलिस ने इस घटना में स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास टीचर और स्कूल मैनेजमेंट के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
करीब 12 दिनों पहले स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र आयुष नाथ बीमार पड़ गया था। अस्पताल ले जाने के क्रम में वह कोमा में चला गया था। लंबे समय तक कोमा में रहने के बाद रविवार (24 मई) को उसकी मौत हो गयी थी। परिवार का आरोप है कि 13 मई को आयुष स्कूल में अचानक बीमार पड़ गया।
माता-पिता का आरोप है कि स्कूल के शिक्षकों से बार-बार यह बताने पर भी उन्होंने महत्व नहीं दिया। आरोप है कि आयुष को लंबे समय तक खिड़की के पास बैठा कर रखा गया था। बताया जाता है कि उसी दिन से स्कूल में गर्मी की छुट्टियां पड़ने वाली थी।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल से निकलते समय आयुष सीढ़ियों से नीचे गिर गया था। उसके सिर पर चोट आयी थी। आयुष को प्रिंसिपल के कमरे में बैठाकर माता-पिता को खबर दी गयी।
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परिवार का आरोप है कि जब वे आयुष को SSKM अस्पताल ले जा रहे थे तब उसके सिर और माथे के पीछे की तरफ का हिस्सा सूजा हुआ था। अस्पताल ले जाने के दौरान ही वह कोमा में चला गया था। 24 मई को उसकी मौत हो गयी। रविवार को ही नेताजीनगर थाना में उसके माता-पिता ने शिकायत दर्ज करवायी।
पुलिस की कार्रवाई
दर्ज शिकायत के आधार पर मंगलवार (26 मई) को नेताजीनगर थाना की पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लिया है। इसमें स्कूल की प्रिंसिपल सुष्मिता चक्रवर्ती, क्लास टीचर और स्कूल के मैनेजमेंट के सदस्य शक्तिपद जाना शामिल है।
जिस समय अभिभावक स्कूल के सामने विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे तब वहां टॉलीगंज की विधायक पापिया अधिकारी पहुंची। उन्होंने अभिभावकों से बात की और कहा कि प्रिंसिपल और स्कूल मैनेजमेंट को बर्खास्त किया जाए। स्कूल से बाहर निकलते समय उन्होंने कहा कि थाना जा रही हूं।
स्कूल ने लापरवाही के आरोपों का किया खंडन
परिवार के आरोपों का खंडन करते हुए स्कूल प्रबंधन ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा है कि 13 मई से पहले आयुष कई दिनों तक स्कूल नहीं आया था। वह स्कूल के दौरान बिल्कुल ठीक था। स्कूल की तरफ से दावा किया गया है कि स्कूल से निकलते समय बच्चे ने तबीयत खराब होने की शिकायत दर्ज करवायी और तुरंत उसकी शिकायत पर ध्यान देते हुए उसे उसके पिता को सौंप दिया गया।
स्कूल प्रबंधन ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि सभी CCTV फुटेज और आवश्यक दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं।