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NRS अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर 36.5 cm का विशाल ट्यूमर निकालकर बचायी मरीज की जान

लगभग 6 घंटों के ऑपरेशन के बाद कोलकाता के NRS अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला को नया जीवन प्रदान किया।

By Moumita Bhattacharya

May 26, 2026 11:40 IST

डॉक्टरों की भाषा में 'टाइम बम', जो किसी भी पल ले सकता था 40 वर्षीया महिला की जान। पेट में 36.5 सेंटीमीटर के आकार का विशाल ट्यूमर जिसने धमनी (Arteries), अग्न्याशय (Pancreas) और कीडनी को बुरी तरह से जकड़ रखा था।

लगभग 6 घंटों के ऑपरेशन के बाद कोलकाता के नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (NRS) के डॉक्टरों ने महिला को नया जीवन प्रदान किया।

अस्पताल सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले लगभग डेढ़ सालों से तालतला निवासी उक्त महिला का पेट लगातार फुलता जा रहा था। समस्या की शुरुआत वर्ष 2024 के अंत में हुई थी। साल 2026 आते-आते महिला सांस लेने में तकलीफ और तेज दर्द से परेशान रहने लगी।

इसी साल 27 फरवरी को NRS अस्पताल में डॉक्टरों महिला का एमआरआई रिपोर्ट देखकर चौंक उठे थे। रिपोर्ट में एक फुटबॉल अथवा बीच बॉल के आकार का सिस्टिक ट्यूमर दिखाई दिया था।

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इस ट्यूमर को निकालना बहुत जोखिम भरा काम था। हल्की सी गड़बड़ी होने पर भीषण रक्तस्राव की वजह से महिला की जान पर बन आ सकती है। प्रोफेसर देवाशिष राय और एसिस्टेंट प्रोफेसर अनिर्वाण दास के नेतृत्व में सर्जिकल टीम व एनेस्थेसिया विभाग के प्रोफेसर दीपंकर मुखर्जी समते अन्य डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर महिला के पेट से ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया।

हालांकि यही समस्या का अंत नहीं हुआ। पौष्टिकता के अभाव में महिला का शरीर बेहद कमजोर हो गया था। इसलिए सिलाई तोड़कर उनकी आंत बाहर निकल आयी थी।

तुरंत आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। इसके साथ ही वेंटिलेशन सपोर्ट और कई बार खून चढ़ाने के बाद महिला के शरीर में जरूरी पौष्टिकता पूरी हुई जिसके बाद उनकी स्थिति स्थिर हुई। बताया जाता है कि महिला स्वस्थ्य होकर अपने घर वापस लौट गयी हैं।

प्राथमिक तौर पर माना जा रहा था कि यह ट्यूमर नुकसानदायक नहीं है लेकिन बायप्सी रिपोर्ट में पता चला कि यह एक विरल और संवेदनशील कैंसर है जिसे 'मिक्स्ड लाइपोसारकोमा' कहा जाता है।

बता दें, इससे पहले भी महिला के ऑपरेशन की तैयारी एक अन्य अस्पताल में की गयी थी लेकिन स्वास्थ्य जटिलताओं की वजह से आखिरकार ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने NRS अस्पताल के डॉक्टरों और महिला की अदम्य लड़ाकू प्रवृत्ति की सराहना की है।

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